अंकित बालियान मर्डर: दो शूटर ढेर, DGP बोले- विदेश में बैठकर साजिश रचने वाले भी नपेंगे

शामली में अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. हत्या के करीब 100 घंटे के भीतर मुठभेड़ में दो कथित शूटर सुमित और मोहित मारे गए. पुलिस के मुताबिक दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था और उनके पास से हथियार व बाइक बरामद हुई हैं. डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि अंकित की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत हुई और वारदात में चार शूटर शामिल थे. बाकी दो शूटरों और साजिशकर्ताओं की तलाश जारी है.

डीजीपी राजीव कृष्ण Image Credit:

के भीतर पुलिस ने मुठभेड़ में दो शूटरों सुमित और मोहित को मार गिराया. दोनों के पास से हथियार और बाइक बरामद होने की बात कही गई है. पुलिस के मुताबिक दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. दोनों शूटरों के एनकाउंटर के बाद अंकित बालियान के परिवार का कहना है कि अभी आधा इंसाफ मिला है, आधा बाकी है.

इस बीच उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अंकित बालियान की हत्या अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसकी सुनियोजित साजिश रची गई थी. हत्या से पहले अंकित की रेकी की गई और वारदात को चार हथियारबंद शूटरों ने अंजाम दिया. पुलिस अब बाकी दो शूटरों के साथ-साथ इस साजिश से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है.

18 राउंड फायरिंग, 4 शूटर और दो बाइक

एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक, अंकित बालियान की हत्या शामली कोतवाली के पास की गई थी. CCTV फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को पता चला कि वारदात में चार शूटर शामिल थे. वारदात के बाद चारों शूटर दो बाइक से फरार हुए. पुलिस ने उनकी पहचान और लोकेशन पता लगाने के लिए कई स्तर पर जांच शुरू की. इस हत्याकांड की जांच के लिए 11 पुलिस टीमें लगाई गई थीं और हरियाणा में भी छापेमारी हुई.

100 घंटे में दो शूटर ढेर

पुलिस के अनुसार अंकित पर करीब 18 राउंड फायरिंग की गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक सोमवार सुबह कैराना रोड स्थित इंडियन गैस गोदाम के पास बदमाशों और पुलिस की मुठभेड़ हुई. इस दौरान दोनों तरफ से फायरिंग हुई. मुठभेड़ में शूटर मोहित और सुमित को गोली लगी. दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक दोनों के पास से दो पिस्टल समेत अन्य हथियार और बाइक बरामद हुई है.

मोहित पर 14 मुकदमे, सुमित पर भी कई केस

मुठभेड़ के दौरान SOG के कॉन्स्टेबल हरविंदर और प्रदीप भी गोली लगने से घायल हुए हैं. दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मारे गए आरोपी मोहित के खिलाफ हरियाणा में 14 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि सुमित के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है और उनके संपर्क में रहे लोगों की भी पड़ताल की जा रही है.

GPS से ट्रैक हो रही थी अंकित की लोकेशन?

हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक और अहम सुराग मिला है. पुलिस को आशंका है कि अंकित बालियान की गाड़ी में GPS डिवाइस लगाया गया था, जिसके जरिए उसकी लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही थी. अब जांच का फोकस इस बात पर है कि GPS डिवाइस किसने उपलब्ध कराया, उसे गाड़ी में किसने लगाया और इसकी जानकारी किन लोगों तक पहुंच रही थी. अगर यह आशंका जांच में सही साबित होती है तो इससे यह साफ हो सकता है कि हत्यारों ने अंकित की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी थी.

20 अगस्त को होटल पहुंचे थे मोहित और सुमित

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि मोहित और सुमित 20 अगस्त को शामली के सूर्या होटल में पहुंचे थे. दोनों ने वहां अपने QR कोड से भुगतान किया था. पुलिस अब होटल के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और डिजिटल पेमेंट से मिले साक्ष्यों को खंगाल रही है. जांच की जा रही है कि हत्या से पहले दोनों ने किन लोगों से संपर्क किया और वारदात के बाद उन्हें फरार होने में किसने मदद की. डीजीपी के मुताबिक, शूटरों के ठहरने और उनकी गतिविधियों से जुड़े साक्ष्य भी पुलिस ने जुटाए हैं.

गोगी गैंग से जुड़ा कनेक्शन, गाने से शुरू हुई रंजिश?

पुलिस जांच में हत्याकांड का कनेक्शन गोगी गैंग से जुड़ता नजर आ रहा है. पुलिस के मुताबिक, सोनीपत निवासी भोलू उर्फ राहुल शाहपुरिया का नाम जांच में सामने आया है. उसे गोगी गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है. पुलिस की जांच के अनुसार अंकित ने गोगी गैंग के सरगना जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद एक गाना गाया था. इसी गाने को लेकर गैंग से जुड़े लोगों में अंकित के प्रति नाराजगी पैदा होने की बात सामने आई है.

डीजीपी ने भी कहा कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि सोशल मीडिया और YouTube पर लोकप्रिय हुए इस गाने से जुड़ी नाराजगी हत्याकांड की एक अहम वजह हो सकती है. हालांकि, पुलिस अभी इस एंगल समेत सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है.

हत्या से पहले सोशल मीडिया पर धमकी

अंकित की हत्या से कुछ दिन पहले गैंग से जुड़े बताए जा रहे लोगों की ओर से सोशल मीडिया पर धमकी भरे वीडियो और पोस्ट किए जाने की बात भी सामने आई है. कुछ वीडियो में हथियारों और गाड़ियों के काफिले दिखाई देने की जानकारी पुलिस को मिली है. पुलिस इन पोस्ट और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सोशल मीडिया पर दी गई धमकियों और अंकित की हत्या के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं.

विदेश में बैठे अपराधियों पर भी पुलिस की नजर

डीजीपी राजीव कृष्ण ने साफ कहा कि यूपी के बाहर या विदेश में बैठकर साजिश रचने वाले अपराधी यह भ्रम न पालें कि वे पुलिस की कार्रवाई से बच सकते हैं. पुलिस के मुताबिक, गोगी गैंग से जुड़े कुछ लोग विदेश में भी रह रहे हैं. एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गोगी के परिवार के कुछ सदस्य कनाडा में रहते हैं. डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि जो लोग विदेश में बैठकर अपराध की साजिश रच रहे हैं, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सुपारी देकर कराई गई हत्या?

पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि अंकित बालियान की हत्या सुपारी देकर कराई गई. हालांकि, सुपारी की रकम, इसे देने वाले व्यक्ति और हत्याकांड के पीछे मौजूद मुख्य साजिशकर्ताओं को लेकर जांच अभी जारी है. डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस सिर्फ दो शूटरों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखेगी. हत्या की पूरी चेन को कानून के दायरे में लाया जाएगा. हथियार उपलब्ध कराने वालों और अन्य मददगारों की भूमिका की भी जांच होगी.

बाकी दो शूटरों की तलाश जारी

पुलिस के मुताबिक वारदात में चार शूटर शामिल थे. इनमें से दो मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, जबकि बाकी दो शूटरों की तलाश जारी है. पुलिस ने यूपी और हरियाणा में कई स्थानों पर छापेमारी की है. साथ ही आरोपियों के मोबाइल, डिजिटल पेमेंट, CCTV, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की जांच की जा रही है. डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि इस मामले में जो भी लोग किसी भी स्तर पर शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

जयंत चौधरी बोले- सुनियोजित तरीके से रचा गया अपराध

केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी भी अंकित बालियान के परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने कहा कि अंकित एक कलाकार था और उसके खिलाफ सुनियोजित तरीके से अपराध रचा गया. जयंत चौधरी ने कहा कि यह गंभीर अपराध है और पुलिस-प्रशासन मामले में कार्रवाई कर रहा है. उन्होंने परिवार से धैर्य रखने की अपील की और कहा कि कानून की अपनी प्रक्रिया होती है. उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था तभी कायम रह सकती है, जब लोगों का विश्वास व्यवस्था पर बना रहे.

DGP का संदेश- संगठित अपराध पर जीरो टॉलरेंस

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि यूपी पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. उनका कहना है कि अपराधी जेल में हों या विदेश में, अगर वे यूपी में अपराध की साजिश रचते हैं तो उन तक पुलिस पहुंचेगी. उन्होंने कहा कि यूपी को किसी गैंग के लिए शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा, दूसरे राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा रही है.

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