अंबेडकर स्मारकों से 2027 में दलितों को साधेगी BJP, अखिलेश बोले- CM पर भरोसा नहीं

यूपी में BJP 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए दलित वोट बैंक साधने हेतु अंबेडकर मूर्ति विकास योजना लाई है. इस योजना के तहत सभी विधानसभा सीटों पर डॉ. अंबेडकर समेत महापुरुषों के स्मारकों का सौंदर्यीकरण होगा. हालांकि अखिलेश यादव ने इसे दलितों के हक छीनने का ढोंग बताया है.

अंबेडकर स्मारकों पर आमने सामने बीजेपी सपा Image Credit:

यूपी में विधानसभा चुनावों से पहले BJP दलित वोट बैंक को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मंगलवार को मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में डॉ. बीआर अंबेडकर मूर्ति विकास योजना को मंजूरी दे दी गई है. योजना के तहत प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर डॉ. भीमराव अंबेडकर समेत अन्य महापुरुषों, समाज सुधारकों और सांस्कृतिक विभूतियों के स्मारकों का संरक्षण, सौंदर्यीकरण और कायाकल्प किया जाएगा. हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 10 ऐसे स्मारकों को नई पहचान दी जाएगी.
वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र कुमार कहते हैं कि यूपी सरकार दलितों को यह संदेश देना चाहती है कि हम भी दलित समाज के हितैषी हैं. जो काम मायावती ने चार बार मुख्यमंत्री रहते नहीं किया. डॉ. अंबेडकर की मूर्तियों पर छत नहीं लगवाई, पार्कों का सौंदर्यीकरण नहीं कराया. वह काम अब भाजपा कर रही है. यह बीजेपी की मंशा है, लेकिन यह फैसला दुधारी तलवार जैसा है. भाजपा के लिए यह योजना रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है. पिछले साल अंबेडकर जयंती पर पार्टी ने 13 दिन का विशेष कार्यक्रम चलाया था.
13 से 25 अप्रैल तक संघ और भाजपा कार्यकर्ताओं ने दलित बस्तियों में संपर्क अभियान चलाया. अब यह योजना उस अभियान को सरकारी स्तर पर संस्थागत रूप देने का काम करेगी. 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में करीब 8.5 प्रतिशत वोट का नुकसान हुआ था. सपा के PDA पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक फॉर्मूले और आरक्षण खत्म होगा, संविधान बदल जाएगा जैसे नरेटिव ने पार्टी को काफी झटका दिया था. उत्तर प्रदेश में दलित आबादी 20.7 प्रतिशत लगभग 4.14 करोड़ है. इसमें 66 उप-जातियां हैं, जिनमें छह प्रमुख उप-जातियां जाटव, पासी, कोरी, धोबी, खटिक, बाल्मिकी सहित कुल दलित आबादी का 87 प्रतिशत हिस्सा रखती हैं.
जाटव सबसे एकजुट और बसपा के कोर वोटर माने जाते हैं, जबकि गैर-जाटव दलितों में बंटवारा ज्यादा है. 2011 से 2022 तक भाजपा ने गैर-जाटव वोटरों को साधकर अपनी वोट बैंक बढ़ाई थी, लेकिन 2024 में कुछ गैर-जाटव वोट इंडिया गठबंधन की ओर चले गए. दूसरी ओर, वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं कि भाजपा की यह सोची-समझी रणनीति है. बीजेपी ने बहुत बड़ा प्लान तैयार किया है. अगर यह सफल हुआ तो 2027 में सत्ता में वापसी हो सकती है.
अखिलेश ने दी ये सलाह
योगी सरकार के फैसले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पलटवार किया. कहा कि मुख्यमंत्री पर कोई भरोसा न करें. बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने दलित-शोषित-पीड़ितों को जो हक-अधिकार और आरक्षण दिए थे, ये लोग अब छतरी लगाने, मूर्तियों का सौंदर्यीकरण करने और सम्मान देने की बात कर रहे हैं. जबकि सच्चाई यह है कि उन्होंने हर नौकरी में आरक्षण छीन लिया है. समाजवादी पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है. सामाजिक न्याय के राज की स्थापना करना. हम बाबा साहब के दिए हक-अधिकारों की रक्षा करेंगे और छीने गए आरक्षण को वापस दिलाएंगे.

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