BJP की सियासी किलेबंदी तेज! नितिन नवीन और बीएल संतोष संभालेंगे कमान, पश्चिमी यूपी पर खास फोकस
भाजपा ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महामंत्री बीएल संतोष मेरठ-लखनऊ का दौरा कर रणनीति बना रहे हैं. पश्चिमी यूपी, अवध और कानपुर क्षेत्रों पर खास फोकस है. इसका उद्देश्य हारी सीटों पर पार्टी की स्थिति मजबूत करना है.
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी संगठन मजबूत करने में जुट गई है. प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के हालिया दौरे के बाद अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष प्रदेश पहुंचकर रणनीति पर काम करेंगे. इस दौरान बीजेपी का पश्चिमी यूपी पर खास फोकस रहने वाला है.
मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन मेरठ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे, जबकि बीएल संतोष लखनऊ पहुंचकर अवध और कानपुर क्षेत्र को मथेंगे. पहले यह कार्यक्रम तीन दिनों का प्रस्तावित था, जिसे अब दो दिनों का कर दिया गया है.
नितिन नवीन का पश्चिमी यूपी का पहला दौरा
राष्ट्रीय नेतृत्व पिछले विधानसभा चुनाव 2022 और लोकसभा चुनाव 2024 में हारी सीटों का फीडबैक लेगा. बीएल संतोष की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उप मुख्यमंत्रियों से मुलाकात भी संभावित है. इससे पहले दोनों नेता चार जुलाई को लखनऊ आए थे और क्षेत्रीय संगठनों के गठन की बात कही थी, लेकिन इसमें देरी हो गई थी.
वहीं, नितिन नवीन बीजेपी के अध्यक्ष बनने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला दौरा कर रहे हैं. मेरठ को इस क्षेत्र की राजनीतिक राजधानी माना जाता है. यहां वे क्षेत्रीय कार्यालय में संगठन और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे. 71 विधानसभा सीटों वाले पश्चिमी क्षेत्र में गुर्जर समीकरण सहित कई चुनौतियां बीजेपी के सामने हैं.
अवध-कानपुर में परिचय बैठक करेंगे बीएल संतोष
बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष अवध 82 सीटें और कानपुर 52 सीटें क्षेत्र के पदाधिकारियों से परिचय बैठक करेंगे. NDA सहयोगी दलों अपना दल-एस, रालोद, निषाद पार्टी और सुभासपा के साथ समन्वय पर भी चर्चा होगी. साथ ही समरसता संकल्प अभियान, तिरंगा अभियान और सेवा संकल्प माह की समीक्षा भी की जाएगी.
बीजेपी ने छह साल बाद क्षेत्रीय टीमें गठित की हैं और राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के कई चेहरों को जगह मिली है. छह मोर्चों की टीमें भी जल्द बनने वाली हैं. पार्टी के इस दौरे को 2027 के चुनाव की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.