होटल, कन्वेंशन सेंटर… लखनऊ एयरपोर्ट के पास ₹720 करोड़ में बनेगी एयरोसिटी

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास करीब 720 करोड़ रुपये की लागत से एयरोसिटी मॉडल पर आधुनिक शहरी क्षेत्र विकसित किया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत होटल, कन्वेंशन सेंटर, ऑफिस स्पेस और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे. सरकार का मकसद पर्यटन, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देना है. परियोजना से दक्षिणी लखनऊ के रियल एस्टेट और व्यापारिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है.

होटल, कन्वेंशन सेंटर, ऑफिस और कमर्शियल स्पेस बनेंगे Image Credit: AI Generated

लखनऊ का चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट आने वाले सालों में सिर्फ हवाई यात्रा का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि इसके आसपास एक आधुनिक शहरी और व्यावसायिक हब भी विकसित किया जाएगा. एयरपोर्ट के निकट करीब 720 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़े इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की तैयारी शुरू हो गई है. इस परियोजना के तहत एयरोसिटी, होटल, कन्वेंशन सेंटर, कमर्शियल स्पेस, ऑफिस कॉम्प्लेक्स और आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

दरअसल, लखनऊ में यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और एयरपोर्ट के विस्तार को देखते हुए एयरपोर्ट के आसपास एक योजनाबद्ध तरीके से बिजनेस डिस्ट्रिक्ट विकसित करने की तैयारी की गई है. प्रस्तावित परियोजना में आधुनिक होटल, बिजनेस सेंटर, रिटेल कॉम्प्लेक्स, कन्वेंशन एवं एग्जीबिशन सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग और अन्य शहरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसका मकसद लखनऊ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश, पर्यटन तथा व्यापार का नया केंद्र बनाना है.

720 करोड़ रुपये की परियोजना

प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत करीब 720 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की योजना है. सरकारी एजेंसियों का मानना है कि एयरपोर्ट के आसपास इस तरह का विकास होने से राजधानी में निवेश, रोजगार और पर्यटन को नई गति मिलेगी. देश के कई बड़े शहरों में एयरपोर्ट के आसपास विकसित एयरोसिटी मॉडल को सफल माना गया है. इसी तर्ज पर लखनऊ में भी आधुनिक शहरी क्षेत्र विकसित करने की तैयारी है.

इस परियोजना में बिजनेस होटल, लग्जरी होटल, कन्वेंशन सेंटर, कॉर्पोरेट ऑफिस, शॉपिंग और रिटेल स्पेस, फूड कोर्ट, मल्टीलेवल पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाएं, ग्रीन एरिया और लैंडस्केपिंग शामिल हो सकते हैं. इससे एयरपोर्ट केवल उड़ानों का केंद्र नहीं रहेगा बल्कि आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख हब बन जाएगा.

पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा

लखनऊ पहले से ही अवध की सांस्कृतिक राजधानी माना जाता है. इसके अलावा अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, नैमिषारण्य और कुशीनगर जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले लाखों यात्री लखनऊ एयरपोर्ट का उपयोग करते हैं. एयरपोर्ट के पास होटल, कन्वेंशन सेंटर और अन्य सुविधाएं विकसित होने से पर्यटन उद्योग को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. बिजनेस कॉन्फ्रेंस, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजन और बड़े कार्यक्रम आयोजित करना भी आसान होगा.

रोजगार के नए अवसर

720 करोड़ रुपये की इस परियोजना से हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे. विशेषज्ञों के अनुसार परियोजना के निर्माण के दौरान इंजीनियरिंग, निर्माण, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग और अन्य क्षेत्रों में रोजगार मिलेगा. वहीं परियोजना पूरी होने के बाद होटल, रिटेल, सुरक्षा, हाउसकीपिंग, परिवहन और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

राजधानी की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया इंजन

लखनऊ में पहले से डिफेंस कॉरिडोर, आईटी सिटी, आउटर रिंग रोड, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और एससीआर (स्टेट कैपिटल रीजन) जैसी कई बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं. एयरपोर्ट के आसपास बनने वाला यह नया बिजनेस हब इन सभी परियोजनाओं को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करेगा. इससे राजधानी में निवेश आकर्षित होगा, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और लखनऊ उत्तर भारत के प्रमुख बिजनेस और सर्विस सेक्टर हब के रूप में उभर सकता है.

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