10KM दूर तक दिखीं लपटें, जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते लोग… लखनऊ अग्निकांड के पीड़ित अब कहां रहेंगे?
लखनऊ के विकासनगर में झुग्गियों में रखे सिलेंडर फटने से भयानक आग लग गई. इस दौरान 100 से अधिक गैस सिलिंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फटे. आग इतनी भयानक थी कि 10 किलोमीटर दूर से इसकी लपटें नजर आ रही थीं.इलाके में अफरा-तफरी मच गई. लोग चीखते-चिल्लाते अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकास नगर में बुधवार यानी 15 अप्रैल की शाम भीषण आग लग गई. इस दौरान 1200 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं. 50 के करीब मवेशियों के जिंदा जलने की सूचना है. कुछ बच्चों के लापता होने की बात कही जा रही है. लेकिन इसकी अधिकारिक पृष्टि नही हुई है. फिलहाल पुलिस व प्रशासन बस्ती में सर्च ऑपरेशन चला रहा है.
10 किलोमीटर दूर से दिख रही थी आग की लपटें
इन झोपड़ियों में रखे लगभग 100 से अधिक गैस सिलिंडर एक के बाद एक धमाके के साथ फटे, जिसकी आवाज़ पूरे क्षेत्र में घंटों तक गूंजती रही. आग इतनी भयानक थी कि 10 किलोमीटर दूर से इसकी लपटें नजर आ रही थीं. आग लगते ही बस्ती में अफरा-तफरी मच गई. लोग चीखते-चिल्लाते अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.घटनास्थल पर भगदड़ की स्थिति बन गई थी.
स्थानीय लोगों ने बच्चों के लापता होने की बात कही
आग की लपटें और धमाके सुनकर आसपास के इलाके के लोग सहम गए. धड़ाधड़ दुकानें बंद होने लगी. इस बीच रिंग रोड के यातायात को रोक दिया गया.इस दौरान शहर के कई इलाकों में जाम की स्थिति देखी गई. पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस हादसे में अब तक दो बच्चियों का शव बरामद हुआ है.हालांकि, ये अधिकारिक पृष्टि नहीं हुई है.
सीएम योगी ने हादसे का लिया संज्ञान
सीएम योगी ने हादसे का तुरंत संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए. वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंच कर और हालात का जायजा लिया लिया. इस अग्निकांड ने कई परिवारों को बेघर कर दिया. इस दौरान सड़क पर लोग अपने घरों और सामान को देख रोते-बिलखते भी नजर आए. इस बीच कुछ लोगों ने साजिश के तहत जानबूझकर आग लगाए जाने की भी आशंका जताई है.
पीड़ितों ने प्लॉट मालिक के घर का किया पथराव
फिलहाल, लखनऊ में तनाव चरम पर है. आग से बेघर हुई महिलाओं और अन्य पीड़ितों ने प्लॉट मालिक के घर का घेराव कर जोरदार हंगामा किया. पीड़ितों ने आरोप लगाया कि प्लॉट मालिक कई दिनों से उनकी झुग्गी-झोपड़ियां हटाने के लिए दबाव बना रहा था. जब उन्होंने मना कर दिया तो उसने बदले में आग लगवा दी.पीड़ितों ने प्लॉट मालिक के घर के बाहर नारेबाजी की और भारी बवाल किया. कुछ लोगों ने उनके घर पर पथराव भी कर दिया.
पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित भीड़ को शांत करने की भरसक कोशिश की, लेकिन पीड़ित किसी भी बात को सुनने को तैयार नहीं थे. आखिरकार पुलिस को बल प्रयोग कर उन्हें हटाना पड़ा.इसी दौरान आग बुझाने की कार्रवाई में एक अलग तरह का उपद्रव देखने को मिला. आग की घटना को तमाशा बनाकर कई लोग मोबाइल पर वीडियो बनाने लगे.
घटनास्थल पर भीड़ हो गई थी आक्रमक
इससे घटनास्थल तक जाने वाला संकरा रास्ता पूरी तरह जाम हो गया. दमकल की कई गाड़ियां रास्ते में फंस गईं और आग बुझाने में देरी हुई.जब पुलिस और सिविल डिफेंस के जवान रास्ता साफ करने और वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश करने लगे तो भीड़ आक्रामक हो गई.
पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा था
बार-बार समझाने के बावजूद लोग नहीं हटे तो पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा. इसके जवाब में कुछ उपद्रवियों ने पुलिस और सुरक्षा कर्मियों पर पथराव कर दिया.पथराव में 6 लोग घायल हो गए, जिनमें लोहिया नगर सिविल डिफेंस के पोस्ट वार्डन ऋषि श्रीवास्तव भी शामिल हैं. सभी के सिर पर गहरी चोटें आईं. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया.वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे आपातकालीन वाहनों का रास्ता न रोके और राहत कार्यों में सहयोग करें. आग लगाने और इसके बाद हुए बवाल व पथराव के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.