दरोगा भर्ती परीक्षा देने जा रहे हैं तो जान लें ये बातें, जूते की जगह चप्पल या सैंडिल पहन कर आएं अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों पर जूता-मोजा पहनकर नहीं आने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्हें अपडेटेड आधार कार्ड के साथ केंद्र पर 2 घंटे पहले पहुंचने को कहा गया है. परीक्षा केंद्र पर प्रवेश 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा. तय समय से बाद आने वाले अभ्यर्थियों को एग्जामिनेशन सेंटर में एंट्री नहीं दी जाएगी.
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की तरफ से 14 और 15 मार्च को दरोगा भर्ती परीक्षा आयोजित कराई जा रही है. दोनो दिन यह परीक्षा दो पालियों में होगी. एग्जामिनेशन सेंटर में एंट्री से पहले अभ्यर्थियों की चेकिंग और फ्रिस्किंग की जाएगी. ऐसे में उन्हें स्लीपर या सैंडिल पहनकर आने को कहा गया है.
अभ्यर्थियों को निर्देश- जूता-मोजा पहनकर ना आएं
दरोगा भर्ती परीक्षा का पहली पाली का 10 बजे से 12 बजे तय किया गया है. वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 से 5 बजे के बीच आयोजित की जाएगी. अभ्यर्थियों को जूता-मोजा पहनकर नहीं आने का निर्देश दिया गया है. दरअसल, इससे चेकिंग में वक्त जाया हो सकता है. प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी.
2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचे अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों को अपडेटेड आधार कार्ड के साथ केंद्र पर 2 घंटे पहले पहुंचने का निर्देश दिया गया है, ताकि एग्जामिनेशन सेंटर में एंट्री के लिए उन्हे कोई असुविधा ना हो. परीक्षा केंद्र पर प्रवेश 30 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा. तय समय से बाद आने वाले अभ्यर्थियों को एग्जामिनेशन सेंटर में एंट्री नहीं दी जाएगी.
ऐसे अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर ढाई घंटे पहले पहुंचे
जिन अभ्यर्थियों वे आवेदन के दौरान अपना आधार नंबर रजिस्टर नहीं किया था. साथ ही जिनके आधार नंबर मिसमैच पाए गए हैं, उन्हें परीक्षा केंद्र पर ढाई घंटे पहले आने का निर्देश दिया गया है. जानकारी के मुताबिक इस बार सीधी भर्ती-2025 के अन्तर्गत 4543 पदों पर अभ्यर्थियो से आवेदन आमंत्रित किए थे. इसमें कुल 15,75,760 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है.
तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था भी लागू
दरोगा भर्ती परीक्षा में किसी तरह का फर्जीवाड़ा ना हो सके, इसके लिए तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था भी लागू की गई है. फर्जी अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा देने से रोकने के लिए परीक्षा केंद्र, जिलों और बोर्ड में कंट्रोलरूम बनाए गए हैं. परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थी का फोटो व आंख की पुतली की स्कैनिंग की जाएगी. अगर अभ्यर्थी के पहचान पत्र का मिलान नहीं होता है तो उसे परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा.