UP: फिलहाल नहीं लागू होगा अंडे की बिक्री का नया नियम, अभी बिना एक्सपायरी डेट वाले ही बिकेंगे
उत्तर प्रदेश में अब भी पुराने आदेश के अनुसार ही अंडों की बिक्री हो रही है. उपभोक्ता सुरक्षा के नाम पर केंद्र सरकार द्वारा लाया गया हर अंडे पर उत्पादन डेट और एक्सपायरी डेट स्टैंप कराने का केंद्र सरकार का नियम फिलहाल लागू नहीं होगा.खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) का कहना है कि इस नियम को लेकर प्रदेश में अंडे सप्लाई करने वाले राज्यों से भी बात करनी पड़ेगी. इस प्रक्रिया में अभी वक्त लगेगा.
यूपी में 1 अप्रैल 2026 से हर अंडे पर उत्पादन डेट और एक्सपायरी डेट स्टैंप कराने का केंद्र सरकार का नियम फिलहाल लागू नहीं होगा. ऐसा करने से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने साफतौर पर इनकार कर दिया है. विभाग का कहना है कि अगर यह नियम सख्ती से लागू किया गया तो पूरे राज्य में अंडों की भारी कमी आ जाएगी और कीमतें आसमान छू लेंगी. बता दें कि यूपी देश का सबसे बड़ा अंडा खपत करने वाला राज्य है.
यूपी में रोजाना 3.35 करोड़ अंडे खाए जाते हैं. लेकिन राज्य के पोल्ट्री फार्मों में मात्र 1.80 करोड़ अंडे ही पैदा होते हैं. बाकी 1.55 करोड़ अंडे कुल खपत का 46% हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से आते हैं. समस्या यह है कि इन पांच राज्यों में अंडों पर स्टैंपिंग सिर्फ विदेश निर्यात के लिए की जाती है. यूपी में भेजे जाने वाले अंडों पर कोई प्रोडक्शन या एक्सपायरी डेट नहीं लिखी जाती. अगर यूपी में नियम लागू हुआ तो ये अंडे बाजार में बिक ही नहीं पाएंगे. नतीजा पूरे प्रदेश में अंडों की भारी किल्लत.
कोल्ड स्टोरेज और मार्केट का कन्फ्यूजन
FSDA अधिकारियों के अनुसार, अंडे को 5 डिग्री सेल्सियस पर रखने पर 35 से 45 दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि 25-35 डिग्री तापमान पर यह अवधि सिर्फ 14 दिन रह जाती है. अब अगर हर अंडे पर मुर्गी के अंडा देने के तुरंत बाद प्रोडक्शन और एक्सपायरी डेट लिखनी पड़ी तो यह तय करना मुश्किल हो जाएगा कि कौन-सा अंडा सीधे बाजार में जाएगा और कौन-सा कोल्ड स्टोरेज में रखा जाएगा. इससे सप्लाई चेन बिगड़ सकती है.
सप्लाई करने वाले राज्यों से चर्चा जरूरी
FSDA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरियाणा यूपी का सबसे बड़ा सप्लायर है. नियम लागू करने से पहले हम इन पांचों राज्यों को पत्र लिख रहे हैं. वहां अंडों की एक्सपायरी को लेकर क्या नियम हैं, यह जानना चाहते हैं. साथ ही उनसे अनुरोध करेंगे कि वे भी ऐसे नियम बनाएं जिससे मांग और सप्लाई में कोई बाधा न आए.अधिकारी ने आगे कहा कि यह आसान मामला नहीं है इसके लिए इन राज्यों से चर्चा बेहद जरूरी है.
अब FSDA के हाथ में है फैसला
मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर, छोटे पैमाने के स्थानीय उत्पादकों के हित और लागू करने की व्यवहारिकता इन सबको ध्यान में रखना होगा. कृषि उत्पादन आयुक्त और पशुपालन विभाग के अधिकारियों से बात करने के बाद ही अंतिम आदेश जारी किया जाएगा. इस मामले में प्रमुख सचिव पशुधन मुकेश मेशरम , कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, FSDA , बागवानी और पशुपालन विभाग की बैठक हो चुकी है. केंद्र सरकार के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.
अब अंडों का स्टोरेज आलू की कोल्ड स्टोरेज में नहीं होगा
अंडे पर उत्पादन डेट और एक्सपायरी डेट स्टैंप कराने का नियम लागू होगा कि नहीं, इसका फैसला FSDA विभाग लेगा. फिलहाल, अब अंडों का स्टोरेज आलू की कोल्ड स्टोरेज में नहीं होगा. इसके लिए बागवानी विभाग को ऐप्स के जरिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं. FSDA आयुक्त रोशन से जैकब इस पूरे मामले पर फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया. मैसेज का भी कोई जवाब नहीं मिला. डिप्टी फूड कमिश्नर भी छुट्टी पर हैं.
फिलहाल यूपी में बिना एक्सपायरी डेट वाले अंडे ही बिकेंगे
जिला FSDA अधिकारी बीपी सिंह ने स्पष्ट किया कि यह शासन की पॉलिसी का मामला है. मुझे कोई नई जानकारी नहीं है. अभी तक कोई नया आदेश नहीं आया है. पुराने आदेश के अनुसार ही बिक्री हो रही है.उपभोक्ता सुरक्षा के नाम पर लाया गया नियम फिलहाल टल गया है. FSDA अब आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए अन्य राज्यों से समन्वय कर रहा है. जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, यूपी के बाजार में बिना एक्सपायरी डेट वाले अंडे ही बिकते रहेंगे.