क्या एथेनॉल से खराब हो रही गाड़ियां? विशेषज्ञों ने बताया, चौंका देगी जानकारी
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर वाहनों पर पड़ने वाले प्रभावों पर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उनका कहना है कि पुराने (BS-4) इंजनों को एथेनॉल ब्लेंडिंग से नुकसान हो रहा है, जिससे पार्ट्स गल रहे हैं और जंग लगने का खतरा बढ़ रहा है. वहीं, नए (BS-5 और ऊपर) इंजन इस मिश्रित ईंधन के लिए डिज़ाइन किए गए हैं और बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं.
पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिग को लेकर देश भर में बवाल मचा है. खासतौर पर सोशल मीडिया में इस विषय पर चर्चा का बाजार गर्म है. हर मालिक एथेनॉल मिले पेट्रोल से होने वाले फायदे और नुकसान का गुणा गणित लगाने में जुटा है. कुछ लोग कह रहे हैं कि माइलेज घट गया है तो कुछ लोग इंजन खराब होने की दलील दे रहे हैं. वहीं, मैकेनिकल इंजीनियरिंग से जुड़े विशेषज्ञों का अलग ही दावा है. आइए, आज इसी विषय पर विशेषज्ञों से बात करने की कोशिश करते हैं.
इन विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग से पुराने वाहनों पर तो बुरा असर पड़ रहा है, लेकिन नए इंजन वाली गाड़ियां इस इंधन से भी पूरी ऊर्जा ले रही हैं और खूब रफ्तार भर रही हैं. नई गाड़ियों को इस मिक्स इंधन से कोई खास दिक्कत नहीं है. हीवेट पॉलिटेक्निक में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रभारी एमपी सिंह के मुताबिक पुराने इंजन सामान्य पेट्रोल के हिसाब से बने थे. इसलिए सामान्य पेट्रोल की जगह एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल इस्तेमाल करने से इंजन को नुकसान हो रहा है.
इंजन पार्ट्स को हो रहा नुकसान
उन्होंने बताया कि पुराने इंजन, खासकर बीएस-4 का निर्माण पेट्रोलियम आधारित ईंधन के लिए डिजाइन थे. वहीं अब मिक्स पेट्रोल इस्तेमाल से इंजन के कई पार्ट्स खराब हो रहे हैं. खासतौर पर रबर और प्लास्टिक के हिस्से गल जा रहे हैं. हाइड्रोस्कोपिक प्रकृति की वजह से नमी को सोखने और टंकी के निचले हिस्से में पानी बैठने की वजह से जंग लगने का खतरा अधिक रहता है. इसी प्रकार फ्यूल टैंक, कार्बोरेटर के अंदरूनी हिस्सों और धातुओं में भी जंग लग रहा है.
नए इंजन को नहीं है दिक्कत
उन्होंने बताया कि पुराने इंजन में नए इंधन के इस्तेमाल से इंजन अत्यधिक गर्म हो रहा है और माइलेज भी कम मिल रहा है. हालांकि, बीएस-5 और उसके बाद वाले इंजन में इस तरह की दिक्कत नहीं है. इस तरह के इंजन में एथेनॉल मिश्रित ईंधन बढ़िया काम कर रहा है. इसमें उन्नत ईसीयू और सेंसर्स, बेहतर फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम होने से इंजन के परफॉरमेंस बढ़िया मिल रहा है. नए इंजनों के वाल्व और वाल्व सीट्स अधिक मजबूत होने की वजह से धातुओं में जंग नहीं लग रही.