UP में भी हुई नकली ऑक्सीटोसिन की सप्लाई, राजस्थान सरकार का खुलासा; कई राज्यों में हड़कंप
राजस्थान के बाद UP में नकली ऑक्सीटोसिन 'टोसिन' की सप्लाई से हड़कंप मच गया है. राजस्थान में 5 महिलाओं की मौत के बाद इस नकली दवा का खुलासा हुआ. पता चला कि राजस्थान के कोटा से निकली यह घातक खेप दिल्ली, एमपी, यूपी के गोंडा तक पहुंची. AIIMS दिल्ली की जांच में नकली इंजेक्शन का खुलासा हुआ है. राजस्थान सरकार ने जैक्सन लेबोरेट्रीज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया.
राजस्थान में नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन ‘टोसिन’ के खुलासे के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी हड़कंप मच गया है. राज्य सरकार की जांच में पता चला है कि इस नकली दवा की खेप उत्तर प्रदेश के गोंडा तक सप्लाई हुई थी. इस संबंध में राजस्थान सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को अलर्ट भेजा गया है. जांच में पाया गया है कि इस इंजेक्शन का सेंटर पॉइंट भले ही राजस्थान के कोटा में था, लेकिन इसकी सप्लाई दिल्ली, एमपी और यूपी तक हुई थी.
नकली दवा की इस खेप को कोटा में राजस्थान मेडिकल हॉल के संचालक महेश मित्तल ने सप्लाई किया था. यूपी में नकली दवा की खेप गोंडा समेत कुछ अन्य जिलों में हुई थी.राजस्थान सरकार की सूचना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है. उधर, राजस्थान सरकार ने दवा निर्माता कंपनी ‘जैक्सन लेबोरेट्रीज’ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिया है.
सामने आए सप्लाई के आंकड़े
राजस्थान सरकार की जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, बेहद डराने वाले हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक बीते 23 फरवरी और 3 मार्च को कुल मिलाकर 16 हजार टोसिन इंजेक्शन की सप्लाई हुई थी. इस खेप का बड़ा हिस्सा सीधे अस्पतालों में भेजा गया और मरीजों को लगाया भी गया. इसमें से 10 हजार इंजेक्शन कोटा मेडिकल कॉलेज के जेके लोन अस्पताल में भेजा गया था. वहीं 2,479 इंजेक्शन न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल को दिया गया.
ऐसे हुआ खुलासा
इस इंजेक्शन के लगने के बाद अस्पतालों में भर्ती एक के बाद एक 5 महिलाओं की मौत हो गई थी. इसके बाद एम्स दिल्ली (AIIMS Delhi) की टीम जांच करने कोटा पहुंची. इस दौरान प्रसव के दौरान इस्तेमाल हुई दवाओं की क्वालिटी चेक की गई तो पता चला कि ब्लीडिंग रोकने के लिए दिया गया इंजेक्शन ही नकली है. कोटा के सहायक औषधि नियंत्रक देवेंद्र गर्ग के मुताबिक प्रसूति विज्ञान में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का इस्तेमाल प्रसव प्रक्रिया को आसान बनाने और ब्लीडिंग को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है.
जांच में जुटी एजेंसी
सरकारी अस्पतालों में नकली दवा की सप्लाई को लेकर स्वास्थ्य महकमे पर सवाल खड़े हो गए हैं. बड़ी बात यह कि राजस्थान से बाहर भी इस दवा की सप्लाई भेज दी गई. जांच एजेंसियां अब यह पता करने की कोशिश में जुटी हैं कि मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई है और इसके लिए कौन कौन लोग जिम्मेदार हैं. फिलहाल स्थिति को देखते हुए जहां-जहां सप्लाई भेजी गई है, उन सभी स्थानों पर अलर्ट कर दिया गया है.