लखनऊ अग्निकांड: 2 महीने की आयुषी और 2 साल की स्वाती का शव मिला, बाकी चार बच्चे कहां?
लखनऊ अग्निकांड के बाद घटनास्थल से पुलिस को दो बच्चियों आयुषी और स्वाती का शव मिला है. दोनो सगी बहनें हैं. आयुषी की उम्र 2 महीने की थी और स्वाति की आयु दो साल. हालांकि, एक अन्य शख्स ने अपने 4 बच्चों के लापता होने का दावा किया है. फिलहाल, पुलिस को उन बच्चों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही है.
लखनऊ के विकासनगर में झुग्गी-झोपड़ियों की एक बस्ती में बुधवार शाम भीषण आग लग गई. एक शख्स ने अपने परिवार के 6 बच्चों के लापता होने की सूचना दी थी. कुल मिलाकर 6 बच्चों के लापता होने की खबर पुलिस को दी गई थी. हालांकि, प्रशासन की तरफ से इसको लेकर कोई पृष्टि नहीं की गई थी. अब पुलिस को दो बच्चियों आयुषी और स्वाती का शव मिला है. दोनो सगी बहनें हैं. आयुषी की उम्र 2 महीने की थी और स्वाति की आयु दो साल. बच्चियों की मौत की खबर सुन परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
कहां हैं अन्य लापता 4 बच्चे?
एक शख्स का कहना है कि लखनऊ अग्निकांड के बाद उसके 4 बच्चे लापता हैं. उसका घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया है. उसे अंदेशा है कि उसके बच्चों की जलकर मौत हो गई है. पुलिस प्रशासन ने शख्स के दावों के लेकर अभी कोई अधिकारिक पृष्टि नहीं की है. लेकिन उसके चार बच्चों की तलाश में लगी हुई है. इसके लिए बस्ती में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
एक के बाद एक फटे 100 सिलेंडर
विकासनगर के सेक्टर 12 में पिछले 3 बीघे जमीन पर पिछले कई सालों से झोपड़ी बनाकर लोग कई लोग रह रहे थे. रोजाना की तरह मंगलवार शाम तक भी सब कुछ सामान्य था. लेकिन अचानक से वहां देखते ही देखते सिलेंडर फटने से आग लग गई. खबर है कि इसके बाद एक के बाद एक 100 सिलेंडर फटने से आग और भयावह होते गई. इसके बाद पूरे इलाके में भगदड़ मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
पुलिस और प्रशासन से लोगों की तीखी नोंकझोंक
आग लगने के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने 22 दमकल की गाड़ियों ने मिलकर आग बुझाने का काम शुरू किया जो रात 10 बजे तक चलता रहा. इस आग में कई जिंदा मवेशियों के जलने की भी खबर है. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि समय पर पुलिस व दमकल नहीं पहुंची, इसलिए आग भयावह होते गया. नाराज लोगों की पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों से तीखी नोकझोक भी हुई.
सीएम योगी ने हादसे का लिया संज्ञान
सीएम योगी ने हादसे का तुरंत संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए. वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंच कर और हालात का जायजा लिया लिया. इस बीच कुछ लोगों ने साजिश के तहत जानबूझकर आग लगाए जाने की भी आशंका जताई है. पीड़ितों ने प्लॉट मालिक के घर का घेराव कर जोरदार हंगामा किया.
पीड़ितों ने लगाया जानबुझकर आग लगाने का आरोप
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि प्लॉट मालिक कई दिनों से उनकी झुग्गी-झोपड़ियां हटाने के लिए दबाव बना रहा था. जब उन्होंने मना कर दिया तो उसने बदले में आग लगवा दी.पीड़ितों ने प्लॉट मालिक के घर के बाहर नारेबाजी की और भारी बवाल किया. कुछ लोगों ने उनके घर पर पथराव भी कर दिया. पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित भीड़ को शांत करने की भरसक कोशिश की, लेकिन पीड़ित किसी भी बात को सुनने को तैयार नहीं थे. आखिरकार पुलिस को बल प्रयोग कर उन्हें हटाना पड़ा.