अब यूपी में हर महीने होगी सरकारी डॉक्टरों की भर्ती, DM की कमेटी लेगी वॉक-इन इंटरव्यू
अब उत्तर प्रदेश में हर महीने की 15 तारीख को अस्पतालों में खाली पड़े चिकित्सीय पदों की भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे. इसकी अध्यक्षता डीएम की कमेटी करेगी. इस भर्ती प्रक्रिया के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक नया पोर्टल बनाने की तैयारी हो रही है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला किया है. अब प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में खाली पड़े पदों के लिए हर महीने वॉक-इन इंटरव्यू होगा. इसके लिए सरकार की तरफ से खाली पदों को भरने के लिए एक पोर्टल बनाने की तैयारी हो रही है. इस पोर्टल पर खाली पदों की जानकारी अपलोड की जाएगी. फिर इसके आधार पर उन पदों के लिए वॉक इन इंटरव्यू आयोजित की जाएगी.
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हर साल मई और नवंबर की पहली तारीख को जिलेवार रिक्त पदों की जानकारी पोर्टल पर दी जाएगी. फिर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी. यह समिति हर महीने की 15 तारीख को इन पदों को भरने के लिए वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित करेगी.
जानें सैलरी स्ट्रक्चर
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अगर किसी पद के लिए केवल एक ही आवेदन हुआ है, तो भी इंटरव्यू की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. इन पदों पर भर्ती होने वाले एमबीबीएस चिकित्सकों को एक लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा. वहीं विशेषज्ञ डॉक्टरों को 2.5 लाख रुपये महीने का वेतन दिया जाएगा.
बुंदेलखंड क्षेत्र, आकांक्षी जिलों के लिए विशेष पैकेज
अगर चिकित्सक बुंदेलखंड क्षेत्र, आकांक्षी जिलों या आकांक्षी ब्लॉकों में सेवाएं देना चाहता है तो हर साल उसका मानदेय पांच फसदी अधिकतम तीन लाख रुपये महीने तक दिया जा सकता है. ये फैसला चिकित्सकों को ग्रामीण और बीहड़ क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए आकर्षित करने के लिए किया गया है.
पहले चरण में 3000 संविदा डॉक्टरों की होगी भर्ती
बता दें कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर की जा सकें और अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता हो इसके लिए बड़े पैमाने पर संविदा पर डॉक्टरों की भर्ती की जानी है. इसके लिए सरकार की तरफ से यह एक पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया की गई है. पहले चरण में तकरीबन 3000 संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति की जानी है.
