‘यह यात्रा का अंत नहीं…’, IAS आंजनेय कुमार सिंह की पोस्ट ने बढ़ाई हलचल
करीब 11 साल की प्रतिनियुक्ति पूरी कर सिक्किम लौट रहे 2005 बैच के IAS अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह की विदाई पोस्ट चर्चा में है. मुरादाबाद के निवर्तमान मंडलायुक्त के आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी संदेश में उन्होंने लिखा, 'यह यात्रा का अंत नहीं... समय के किसी क्षण में यह यात्रा पुनः आरम्भ होगी.' इस पोस्ट के बाद उनकी अगली भूमिका को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. आंजनेय सिंह फरवरी 2015 में यूपी आए थे और बुलंदशहर, फतेहपुर व रामपुर के डीएम समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं.
उत्तर प्रदेश में करीब 11 साल की लंबी प्रतिनियुक्ति पूरी कर मूल कैडर सिक्किम लौट रहे 2005 बैच के IAS अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. मुरादाबाद के निवर्तमान मंडलायुक्त के आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी विदाई संदेश में उन्होंने लिखा कि यह यात्रा का अंत नहीं है और समय के किसी क्षण में यह यात्रा फिर शुरू होगी.
‘यात्रा को विराम देने का समय है, अंत नहीं’
IAS आंजनेय कुमार सिंह ने अपने विदाई संदेश में लिखा कि मार्च 2021 में शुरू हुई यात्रा को अब विराम देने का समय है. हालांकि, उन्होंने इसे यात्रा का अंत मानने से इनकार किया. उन्होंने संकेत दिया कि समय के किसी पड़ाव पर यह यात्रा दोबारा शुरू होगी. उनका संदेश था- ‘यह यात्रा का अंत नहीं… समय के किसी क्षण में यह यात्रा पुनः आरम्भ होगी.’ इसके बाद उन्होंने लिखा- अलविदा!! जिंदगी का स्वागत करते रहिए, और… किताबें पढ़ते रहिए.
यही पंक्तियां अब सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. प्रशासनिक हलकों में इसे सामान्य विदाई संदेश माना जा रहा है, जबकि उनके समर्थक इसे भविष्य की किसी नई जिम्मेदारी का संकेत मान रहे हैं. हालांकि, उनकी अगली भूमिका को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
11 साल यूपी में, सात बार मिला एक्सटेंशन
आंजनेय कुमार सिंह मूल रूप से सिक्किम कैडर के 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं. वह फरवरी 2015 में अंतरराज्यीय प्रतिनियुक्ति पर उत्तर प्रदेश आए थे. यूपी में उन्होंने विशेष सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन, बुलंदशहर के डीएम, फतेहपुर के डीएम और रामपुर के डीएम समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. उनकी प्रतिनियुक्ति सामान्य अवधि से काफी लंबी चली. राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र की मंजूरी से उनका कार्यकाल सात बार बढ़ाया गया.
करीब 11 साल यूपी में रहने के बाद 14 अगस्त 2026 को उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त हो गई और उन्हें मूल कैडर सिक्किम के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया.
रामपुर में आजम खान से टकराव ने बनाई पहचान
आंजनेय सिंह की सबसे ज्यादा चर्चा रामपुर के जिलाधिकारी रहते हुई. फरवरी 2019 में रामपुर के डीएम बनाए जाने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से प्रशासनिक टकराव लगातार सुर्खियों में रहा. जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों, सरकारी जमीन और चकरोडों पर कब्जे के आरोप, अवैध निर्माण समेत कई मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई उनके कार्यकाल में हुई. आजम खान से टकराव के चलते आंजनेय सिंह की पहचान एक सख्त प्रशासनिक अधिकारी के रूप में बनी.
दिलचस्प बात यह है कि आंजनेय सिंह यूपी में तत्कालीन अखिलेश यादव सरकार के दौरान ही प्रतिनियुक्ति पर आए थे. 2019 में अखिलेश यादव ने रामपुर में उनकी भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि जिस अधिकारी पर भाजपा के एजेंट के तौर पर काम करने के आरोप लगाए जा रहे हैं, उसे सपा सरकार ही सिक्किम से लेकर आई थी.
मुरादाबाद मंडल में साढ़े पांच साल की पारी
रामपुर के बाद मार्च 2021 में आंजनेय कुमार सिंह को मुरादाबाद मंडल का मंडलायुक्त बनाया गया. वह लगातार साढ़े पांच साल से अधिक समय तक इस पद पर रहे. उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद अब मुरादाबाद मंडल को नया मंडलायुक्त मिल चुका है. इसके साथ ही यूपी में आंजनेय सिंह की लंबी प्रशासनिक पारी फिलहाल समाप्त हो गई है.
अब सबसे बड़ा सवाल- आगे क्या?
आंजनेय सिंह की पोस्ट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि ‘यात्रा फिर शुरू होगी’ से उनका इशारा किस ओर है? प्रशासनिक गलियारों में उनकी संभावित नई जिम्मेदारी को लेकर चर्चाएं हैं. कुछ लोग इसे भविष्य में किसी महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिका से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि राजनीतिक हलकों में उनकी संभावित सियासी भूमिका को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन फिलहाल इन चर्चाओं की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है.
सिक्किम वापसी, लेकिन चर्चा यूपी में ही
करीब 11 साल तक यूपी की नौकरशाही में सक्रिय रहने वाले आंजनेय कुमार सिंह अब अपने मूल कैडर सिक्किम लौट रहे हैं. उनकी विदाई ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के दौर में है और प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव हो रहे हैं.