KGMU ने रचा इतिहास! पहली बार लिवर प्रेशर का सफल मापन, कुलपति ने टीम को दी बधाई

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने लिवर चिकित्सा में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. मेडिसिन विभाग की टीम ने पहली बार हेपेटिक वेनस प्रेशर ग्रेडिएंट (HVPG) विधि द्वारा लिवर प्रेशर का सफलतापूर्वक मापन किया. अब मरीजों को बेहतर देखभाल मिल सकेगी.

केजीएमयू की ऐतिहासिक उपलब्धि Image Credit:

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने लिवर चिकित्सा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. KGMU में पहली बार हेपेटिक वेनस प्रेशर ग्रेडिएंट (HVPG) विधि द्वारा लिवर प्रेशर का प्रत्यक्ष मापन सफलतापूर्वक किया गया. डॉ. सुधीर वर्मा के नेतृत्व में मेडिसिन विभाग की टीम ने यह नया कीर्तिमान स्थापित किया है.

यह उपलब्धि लिवर सिरोसिस और क्रॉनिक लिवर फेल्योर के मरीजों के लिए उन्नत उपचार दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मरीजों को बेहतर देखभाल मिल सकेगी. डॉ. सुधीर वर्मा की मुख्य चिकित्सकीय टीम में डॉ. अमित आनंद, प्रो. विवेक कुमार, डॉ. अजय कुमार पाटवा, डॉ. संजीव वर्मा और डॉ. उमंग महेश्वरी शामिल थे.

लिवर फेल्योर की स्थिति में भर्ती हुआ था मरीज

दरअसल, मरीज को अत्यधिक शराब के सेवन से लीवर की खराबी (Alcoholic Hepatitis) के कारण KGMU में भर्ती कराया गया था. वह एक्यूट-ऑन-क्रॉनिक लिवर फेल्योर (ACLF) की स्थिति में लिवर एवं पित्त रोग इकाई में भर्ती था. HVPG मापन में 17 mmHg का मान पाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मरीज का लीवर प्रेशर अत्यधिक बढ़ा हुआ था.

इस ऑब्जेक्टिव हीमोडायनामिक असेसमेंट के आधार पर, मरीज की दवा की डोज को सही तरीके से बदला गया. HVPG मेज़रमेंट की शुरुआत लिवर सिरोसिस के मूल्यांकन और मैनेजमेंट में एक बड़ी तरक्की है. यह उपलब्धि केजीएमयू के इतिहास में पहली बार है.

कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने टीम को बधाई दी

KGMU की लिवर चिकित्सा में ऐतिहासिक उपलब्धि में नर्सिंग ऑफिसर मनोज गौतम और शीतल का भी सहयोग रहा. जबकि नर्सिंग इंचार्ज के रूप में सीमा सोनकर ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वही, तकनीकी सहयोग में आकाश वर्मा और मुन्ना गुप्ता ने अपना योगदान दिया है.

कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद और मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र आतम ने इसके लिए पूरी टीम को बधाई दी. साथ ही KGMU में एडवांस्ड लिवर सिरोसिस ट्रीटमेंट सर्विसेज़ को मज़बूत करने की इस कोशिश की तारीफ़ की.