राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: आज हो सकती है अनिल मिश्र से पूछताछ, SIT की रडार पर 50 से ज्यादा लोग

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज ट्रस्टी अनिल मिश्र से पूछताछ हो सकती है. बता दें कि एसआईटी जांच शुरू होने से ठीक पहले डॉ. अनिल मिश्र आंखों के इलाज के लिए चेन्नई चले गए थे. उनके अयोध्या लौटने के बाद अब उनसे पूछताछ की संभावना प्रबल हो गई है.

प्रतीकात्मक तस्वीर Image Credit: AI Generated

अयोध्या रामलला मंदिर के चढ़ावे चोरी गड़बड़ी और चोरी के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे जांच का दायरा भी बढ़ता जा रहा है. अब इस पूरे प्रकरण में जांच एजेंसियों की नजर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और मंदिर व्यवस्था की निगरानी के प्रमुख जिम्मेदार डॉ. अनिल कुमार मिश्र पर आकर टिक गई है. माना जा रहा है कि गुरुवार को वह एसआईटी के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रख सकते हैं.

प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार पूछताछ कर रही है. एसआईटी में लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन कुमार शामिल हैं. टीम को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपनी है.

टिन्नू यादव ने पूछताछ में अनिल मिश्र की भूमिका पर सवाल उठाए

सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से एसआईटी ने पूरे दिन गहन पूछताछ की. टिन्नू पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय के ड्राइवर के रूप में कार्य कर चुका है और जांच के दौरान उसने सीधे तौर पर डॉक्टर अनिल मिश्र की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए हैं. इसी वजह से अब जांच एजेंसी के लिए अनिल मिश्र का पक्ष जानना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

आंखों के इलाज के लिए चेन्नई में थे अनिल मिश्र

दरअसल, चढ़ावे की गणना, उसकी निगरानी और मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं की प्रमुख जिम्मेदारी डॉक्टर अनिल मिश्र के पास थी. ऐसे में जांच एजेंसियां यह जानना चाहती हैं कि कथित गड़बड़ियों के दौरान व्यवस्था की निगरानी कैसे की जा रही थी और कहीं कोई प्रशासनिक चूक तो नहीं हुई.दिलचस्प बात यह है कि एसआईटी जांच शुरू होने से ठीक पहले डॉ. अनिल मिश्र आंखों के इलाज के लिए चेन्नई चले गए थे. उनके अयोध्या लौटने के बाद अब उनसे पूछताछ की संभावना प्रबल हो गई है.

गोपाल राव और चंपत राय से हो चुकी है पूछताछ

इससे पहले एसआईटी ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव से भी जरूरी जानकारियां जुटा चुकी है. हालांकि जांच एजेंसी ने अभी तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अनिल मिश्र से पूछताछ के बाद कई अहम सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं.

फिलहाल अयोध्या, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक इस मामले पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. अब देखना होगा कि एसआईटी की पूछताछ में कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और क्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े इस बहुचर्चित प्रकरण के रहस्यों से पर्दा उठ पाता है या नहीं.

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