राम मंदिर ट्रस्ट में 3 नए चेहरे, कौन हैं मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और निर्मला यादव?

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति की खबर सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के कारोबारी महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्ट में नई जिम्मेदारी दी गई है. मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि विवाद में रामलला की ओर से लंबे समय तक कानूनी पैरवी कर चुके हैं. महेश भागचंदका M2K Group के चेयरमैन और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं. निर्मला यादव के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं है.

महेश भागचंदका, निर्मला यादव और मदन मोहन पांडेय (फाइल फोटो)

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति की खबर सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्ट में नई जिम्मेदारी दी गई है. 2 सितंबर को हुई ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक के बाद इन तीन नामों को लेकर जानकारी सामने आई है.

इन नियुक्तियों को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राम मंदिर ट्रस्ट में आगे की प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी जिम्मेदारियों को लेकर लगातार मंथन चल रहा है.

मदन मोहन पांडेय: अदालत में रामलला की पैरवी करने वाला चेहरा

नए ट्रस्ट सदस्य के तौर पर सबसे चर्चित नाम मदन मोहन पांडेय का है. अयोध्या के रहने वाले पांडेय पेशे से वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और राम जन्मभूमि मामले में रामलला की ओर से लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं. अयोध्या विवाद की सुनवाई के दौरान मदन मोहन पांडेय रामलला से जुड़े मुकदमों में प्रमुख अधिवक्ताओं में शामिल रहे. उपलब्ध अदालती रिकॉर्ड और रिपोर्टों में उन्हें रामलला की ओर से पैरवी करने वाले वकील के तौर पर दर्ज किया गया है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट में राम जन्मभूमि विवाद से जुड़े मामलों में भी उनकी लंबी भूमिका रही. 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में रामलला की ओर से पैरवी करने वाले वकीलों के सम्मान समारोह में भी मदन मोहन पांडेय को सम्मानित किया गया था. पांडेय ने राम जन्मभूमि से जुड़े मामलों में ऐतिहासिक दस्तावेजों, पुरातात्विक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पैरवी की. यही वजह है कि ट्रस्ट में उनका शामिल होना बेहद अहम माना जा रहा है.

महेश भागचंदका: राम मंदिर आंदोलन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक जुड़ा नाम

दूसरा प्रमुख नाम है महेश भागचंदका का. दिल्ली के कारोबारी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े भागचंदका का राम मंदिर आंदोलन और उससे जुड़े संगठनों के साथ लंबे समय से जुड़ाव रहा है. M2K की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, महेश भागचंदका M2K Group के चेयरमैन हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा विश्व हिंदू परिषद से कार्यकर्ता के तौर पर जुड़े रहे हैं. वह अशोक सिंघल फाउंडेशन के ट्रस्टी भी हैं.

राम मंदिर निर्माण के लिहाज से भी भागचंदका का नाम पहले से खास रहा है. 2020 में राम मंदिर भूमि पूजन से जुड़े कार्यक्रमों में वह मुख्य यजमानों में शामिल थे. M2K की आधिकारिक वेबसाइट पर 3 से 5 अगस्त 2020 के भूमि पूजन कार्यक्रमों में महेश भागचंदका के यजमान के तौर पर शामिल होने का जिक्र है. 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भी भागचंदका और उनकी पत्नी सुनीता भागचंदका ने यजमान के रूप में पूजा-अर्चना की थी.

तीसरा नाम निर्मला यादव का है, जो शिकोहाबाद से बताई जा रही हैं. इनके बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं है. ट्रस्ट की ओर से अगर औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस या आधिकारिक बयान जारी किया जाता है तो निर्मला यादव की भूमिका और उनके चयन के आधार से जुड़ी जानकारी भी सामने आ सकती है.

चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया था इस्तीफा

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था. ट्रस्ट में कुल 15 सदस्यों का प्रावधान है. अगस्त 2025 में ट्रस्ट के सदस्य और अयोध्या राजपरिवार के वंशज विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन हो गया था. इसके बाद ट्रस्ट में एक सीट खाली हो गई थी. इससे पहले फरवरी 2025 में कामेश्वर चौपाल के निधन से खाली हुई सीट पर कृष्ण मोहन को ट्रस्ट में शामिल किया गया था.

जून 2026 में राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बीच ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने इस्तीफा दिया था. ट्रस्ट ने बाद में दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए थे. इस वजह से ट्रस्ट में तीन पद खाली थे, जिन्हें आज भर लिया गया है.

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