अखिलेश बोले- CM बनने के बाद 90 दिन में ही करा दूंगा जातीय जनगणना
अखिलेश यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगर मैं सीएम बनूंगा तो पहले 90 दिन में जातीय जनगणना करा कर दिखा दूंगा. 69000 शिक्षक भर्ती वाले अभ्यर्थियों को न्याय दूंगा. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी की रुपया पाताल की ओर जा रहा है. अर्थव्यवस्था की हालत खस्ता है. अब सीएम योगी यूपी को वन ट्रिलियन इकोनॉमी कैसे बना पाएंगे.
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने आज यानी बुधवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस की. इस दौरान वे योगी सरकार पर जमकर बरसे. उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि अगर मैं सीएम बनूंगा तो पहले 90 दिन में जातीय जनगणना करा कर दिखा दूंगा. 69000 शिक्षक भर्ती वाले अभ्यर्थियों को न्याय दूंगा.
‘सरकार ना कमाने दे रही, ना खर्च करने दे रही’
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब हमारा रुपया पाताल में जा रहा है तो फिर यूपी वन ट्रिलियन इकोनॉमी कैसे बनेगी. उन्होंने कहा कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था लगातार नीचे जा रही है. उस देश की अर्थव्यवस्था अच्छी होती है, जहां लोग खर्च करते हैं. अब ये सरकार ना हमें कमाने दे रही है और ना ही खर्च करने दे रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने तो कह दिया है कि कोई विदेश नहीं जाएगा.
हमने बीजेपी का ग्राफ नीचे ला दिया है-अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में मिली हार का जिक्र नहीं करती है. बीजेपी का ग्राफ लगातार PDA और समाजवादी पार्टी नीचे ला रही है. हमने 2024 में बीजेपी ग्राफ नीचे लाकर दिखा दिया था. पीडीए का ग्राफ अब लगातार ऊपर की तरफ बढ़ रहा है. लेकिन ये लोग इसका ज़िक्र नहीं करते हैं. 2019, 2022 और 2024 के चुनाव में सपा का ग्राफ बढ़ा है. भाजपा का लगातार नीचे जा रहा है. हर बूथ पर पांच वोट भी बढ़वा ले जाएंगे तो बीजेपी का पता नहीं चलेगा.
अखिलेश ने योगी सरकार पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर पक्षपाती होने का भी आरोप लगाया. इस दौरान उन्होंने एक पीडीए ऑडिट रिपोर्ट पेश की, जिसे खुद ही उनकी रिसर्च टीम ने तैयार किया. अखिलेश इस रिपोर्ट को पेश करते हुए कहा कि अगर युवाओं को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़े तो समझ लेना चाहिए कि सरकार पक्षपाती है.
बीजेपी आरक्षण खत्म करना चाहती है-अखिलेश
अखिलेश ने आगे कहा कि जो पक्षपाती होता है, वो विश्वासघाती भी होता है. पक्षपात अन्याय है. हक, अधिकार मारता है. आरक्षण ही संरक्षक है. आरक्षण समानता का उपाय और उपकरण दोनों है. भाजपा इसी आरक्षण को खत्म करना चाहती है, जिसके जरिए वंचित समाज के लोग आगे बढ़ना चाहते हैं.
