5 लाख जुर्माना और मान्यता रद्द… लखनऊ में अब मनमाना फीस वसूलने वाले स्कूलों की खैर नहीं

लखनऊ जिला प्रशासन ने स्कूलों की मनमानी पर डंडा चलाया है. प्रशासन ने साफ किया कि अब स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे. स्कूल छात्रों को किसी विशेष दुकान से किताब, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करते हैं तो भी उनपर कार्रवाई होगी.

लखनऊ के स्कूल अब नहीं वसूल सकेंगे मनमाना फीस Image Credit:

लखनऊ की जिलाधिकारी विशाखा जी ने स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सख्त फैसले लिए है. उनके नए आदेश के मुताबिक अब स्कूल फीस वृद्धि में मनमानी में वृद्धि नहीं कर सकेंगे. साथ ही प्रशासन को स्कूलों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों की भी जांच होगी. इसके अलावा स्कूलोम में फीस , ड्रेस ,किताबों में पारदर्शिता हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया. जिलाधिकारी ने निजी स्कूलों को चेताया है कि नियम तोड़ने पर पांच लाख का जुर्माना, मान्यता रद्द भी हो सकती है.

मनमाने तरीके से फीस बढ़ाई तो स्कूलों की खैर नहीं

जिलाधिकारी विशाख जी. ने ये फैसला गुरुवार को जिला शुल्क नियामक समिति की अहम बैठक में लिया. प्रशासन ने साफ किया कि अब स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे. अभिभावक स्कूलों की मनमानी की शिकायत कर पाए इसके लिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था भी मजबूत की गई है. जिलाधिकारी की तरफ से निर्देश दिया गया है कि किसी भी विद्यालय में लगातार पांच शैक्षणिक वर्षों तक यूनिफॉर्म में कोई बदलाव नहीं होगा.

केवल NCERT की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराना अनिवार्य

अक्सर शिकायतें आती हैं कि स्कूलों ने किताबों को बदल दिया है. एनसीआरटी की बजाय वह किसी निजी पब्लिकेशन की किताबें लागू कर रहे हैं. अब प्रशासन ने साफतौर पर कहा है कि जहां NCERT पाठ्यक्रम लागू है, वहां केवल NCERT की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराना अनिवार्य होगा. स्कूल मनमानी पूर्ण तरीके से किताबों के पब्लिकेशन भी नहीं बदल सकते हैं.

फीस बढ़ाने के प्रस्तावों की गहनता से होगी जांच

अगर कोई विद्यालय फीस बढ़ाने का प्रस्ताव देता है तो उसकी गहनता से जांच की जाएगी. फीस को निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होनी चाहिए. अगर प्रशासन को इसमें स्कूल की तरफ से कोई अनिमितता दिखती है तो कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) ज्योति गौतम और जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया है. अभिभावक स्कूलों को लेकर अपनी समस्याएं और शिकायतें इन अधिकारियों से कर सकेंगे.

कोई अतिरिक्त शुल्क लेने पर पूरी तरह से पाबंदी

जिलाधिकारी विशाख जी. निर्देश दिया है कि सभी स्कूल अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड फीस को लेकर डिटेल्ड इंफार्मेशन प्रदर्शित करें. साथ ही प्रत्येक शुल्क की रसीद जरूर दें. साथ ही निर्धारित फीस से अधिक कोई अतिरिक्त शुल्क लेने पर पूरी तरह से पाबंदी होगी. इन नियमों के क्रियान्वन के लिए उपजिलाधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की संयुक्त टीम बनाई गई है.

कैपिटेशन फीस भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी

अगर स्कूल छात्रों को किसी विशेष दुकान से किताब, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करते हैं तो भी उनपर कार्रवाई होगी. किसी भी प्रकार की कैपिटेशन फीस भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. अगर कोई भी विद्यालय ऐसा करता पाया गया तो उनपर कड़ी कार्रवाई होगी.

Follow Us