गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी… UP के इन 20 शहरों में अब एक साथ नहीं होगी स्कूलों की छुट्टी

रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन स्कीम के तहत शासन ने गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी समेत 20 शहरों के स्कूलों की छुट्टी एक साथ नहीं करने का आदेश दिया है. इन स्कूलों की छुट्टी में 15-15 मिनट का अंतर रखने की सिफारिश की गई है.

यूपी मे अब स्कूलों की छुट्टी एक साथ नहीं होगी Image Credit:

उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में स्कूल-कॉलेज छूटने के समय लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए शासन ने सख्त कदम उठाया है. अब शहर के मुख्य स्कूलों की छुट्टी एक साथ नहीं होगी. डीजीपी राजीव कृष्ण ने यातायात जाम कम करने के लिए ‘रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन स्कीम’ सीआरटीसी के तहत 20 शहरों के 172 मार्गों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी जारी कर दी है. इसमें स्कूलों और आसपास के दफ्तरों की छुट्टी में 15-15 मिनट का अंतर रखने की सिफारिश की गई है. उल्लंघन पर भारी जुर्माना भी लगेगा.

यूपी के इन 20 शहरों में लागू होगी ये व्यवस्था

रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन स्कीम के तहत प्रशासन ने आगरा के 8, आजमगढ़ के 9, अलीगढ़ के 6, अयोध्या के 10, बांदा के 6, बरेली के 6, गौतमबुद्धनगर के 12, गाजियाबाद के 8, गोरखपुर के 10, गोंडा के 4, झांसी के 6, कानपुर के 14, लखनऊ के 12, मथुरा में 10, मेरठ के 10 , मिर्जापुर के 8, मुरादाबाद के 8, प्रयागराज के 10, सहारनपुर के 5, वाराणसी के 10 मार्ग शामिल किए गए हैं.

योजना को लागू करने के लिए एसओपी भी जारी की गई

डीजीपी राजीव कृष्ण ने सीआरटीसी योजना की शुरुआत करते हुए एसओपी भी जारी की. इसमें यातायात विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित थाना प्रभारियों की साफ जिम्मेदारी तय की गई है. व्यस्त चौराहों और तिराहों के 100 मीटर क्षेत्र को पूरी तरह खाली रखने का निर्देश दिया गया है. इस दायरे में किसी भी सवारी को न उतारा जा सकेगा और न बैठाया जा सकेगा. पीक ऑवर्स में अधिक यातायात वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा. साथ ही रूट मार्शल की तैनाती और यात्रा समय कम करने पर भी जोर दिया गया है.

नए नियमों का उल्लंघन करने वालों से भारी जुर्माना वसूला

नए नियमों का उल्लंघन करने वालों से भारी जुर्माना वसूला जाएगा. नो एंट्री का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है. नो पार्किंग या अवैध पार्किंग में पहली बार 500 रुपये लिया जाएगा. दोबारा उल्लंघन करने पर 2000 रुपये का फाइन लिया जाएगा.गलत दिशा में वाहन चलाने पर 2000 रुपये जुर्माना लिया जाएगा. इसके अलावा अतिक्रमण हटाने, सड़कों को चौड़ा करने और मुख्य मार्गों को ई-रिक्शा मुक्त क्षेत्र घोषित करने जैसे उपाय भी किए जाएंगे.

लखनऊ में यहां लगता है भीषण जाम

सीआरटीसी योजना के तहत कराए गए सर्वे में राजधानी लखनऊ के दो प्रमुख मार्गों पर जाम की भीषण स्थिति सामने आई है. बख्शी का तालाब से पॉलिटेक्निक 16.26 किलोमीटर पर सामान्य समय में 12.05 मिनट लगने वाली यात्रा पीक ऑवर्स में 15 गुना तक बढ़ जाती है. यह जाम दोपहर 1:30 से 2:30 बजे, शाम 4 से 4:30 बजे और रात 7 से 7:30 बजे के बीच सबसे ज्यादा लगता है.इसी तरह अवध चौराहा से दुबग्गा 10.51 किलोमीटर मार्ग पर पीक ऑवर्स में यात्रा का समय 10 गुना से भी अधिक जाम लगता है. है. जाम दोपहर 11:30 से 12:00 बजे, दोपहर 3:00 से 3:40 बजे और रात 11:25 से 11:45 बजे सबसे ज्यादा होता है.

जाम की समस्या से मिलेगा छुटकारा

डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट कहा है कि स्कूलों और दफ्तरों की छुट्टी का समय एक साथ होने से ही जाम की सबसे बड़ी समस्या पैदा होती है. इसलिए 15 मिनट के अंतराल से छुट्टी का समय तय करने का फैसला लिया गया है. इससे न सिर्फ जाम कम होगा, बल्कि आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी. इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. ना पालन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.

इन विभागों की जिम्मेदारी तय की गई

नई गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस और स्थानीय थानों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नियम तोड़ने वालों पर बिना किसी ढील के जुर्माना वसूला जाए.यह पहल उत्तर प्रदेश के 20 प्रमुख शहरों में लागू होगी, जिससे लाखों छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से मिलने वाली रोजाना की परेशानी कम होने की उम्मीद है.

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