SPGI लखनऊ में फ्यूल की किल्लत! वाहन संचालन ठप, केवल इमरजेंसी के लिए मिलेगी मंजूरी

उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पैनिक बाइंग के कारण अचानक डिमांड बढ़ी गई है. इसका असर अब लखनऊ SPGI अस्पताल पर भी देखने को मिल रहा है. SPGI लखनऊ में फ्यूल की किल्लत के चलते वाहन संचालन ठप हो गया है. संस्थान ने आपातकालीन कार्यों के लिए ही वाहनों की मांग को मंजूरी दी है.

SPGI लखनऊ में ईंधन की किल्लत! Image Credit:

उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पैनिक बाइंग के कारण अचानक डिमांड बढ़ी गई है. हालाकिं, पेट्रोलियम कंपनियों के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर का दावा है कि राज्य में सप्लाई बिल्कुल बाधित नहीं हुई है. इस बीच लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SPGI) में फ्यूल की किल्लत के कारण वाहन संचालन ठप हो गया है.

SPGI लखनऊ में फ्यूल की किल्लत के कारण वाहनों का संचालन बेहद मुश्किल हो गया है. उपलब्ध संसाधनों को बचाने और प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए संस्थान ने सख्ती बरतते हुए वाहनों की मांग पर पाबंदी लगा दी है. प्रभारी अधिकारी वाहन ने सभी विभागाध्यक्षों, फैकल्टी सदस्यों और अधिकारियों को इस बाबत स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं.

ड्यूटी पूरी न होने या काम में देरी की जिम्मेदारी नहीं

प्रभारी अधिकारी वाहन योगेंद्र कुमार ने जारी एक आधिकारिक सूचना में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वाहन प्रकोष्ठ से वाहन केवल अत्यंत आवश्यक एवं आपातकालीन कार्यों के लिए ही मांगे जाएं. उन्होंने कहा कि ईंधन की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति को देखते हुए संसाधनों का यथासंभव प्रभावी और प्राथमिकता के आधार पर उपयोग किया जाना जरूरी है.

उन्होंने निर्देश दिए हैं कि केवल जरूरी कामों के लिए वाहन की मांग की जाए. इसके साथ में आपातकालीन कार्यों के लिए वाहन की मांग को लेकर पूरी जानकारी देनी होंगी. साथ ही यह भी साफ किय कि इसके कारण यदि कोई ड्यूटी पूरी नहीं हो पाती है या किसी कार्य में विलंब होता है, तो इसके लिए वाहन प्रकोष्ठ किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होगा.

आधिकारिक सूचना में चार प्रमुख सुझाव जारी किए गए

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