नकली नोट केस पर सपा और बीजेपी आमने-सामने… 2027 चुनाव से पहले यूपी में मच गया सियासी संग्राम?

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में नकली नोट चलाने वाले एक बड़े गैंग का पुलिस ने हाल ही में भंडाफोड़ किया. इस कार्रवाई में गैंग के सरगना विवेक यादव समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. उनके कब्जे से एक लाख 18 हजार रुपये के नकली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद हुए.अब यह कहानी ने पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुकी है. समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच खुली जंग छिड़ गई है.

शलभमणि त्रिपाठी और अखिलेश यादव

फ़िल्म ‘धुरंधर 2’ के रिलीज़ होने के बाद से ही उत्तर प्रदेश मे नक़ली नोटों पर बहस चल ही रही थी कि तभी एक शख़्स पकड़ा गया. इस शख़्स का नाम विवेक यादव है, जिसे पुलिस नक़ली नोटों का सौदागर बता रही है. अब बहस उसके जुर्म से ज़्यादा उसके सियासी रसूख़ पर छिड़ गई है. भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि विवेक यादव सपाई है. सपा कह रही है कि वो भाजपाई है. इसे लेकर सपा और भाजपा आमने-सामने आ गई है. जुर्म की इस यह कहानी सियासी हो गई है.

दरअसल, उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में नकली नोट चलाने वाले एक बड़े गैंग का पुलिस ने हाल ही में भंडाफोड़ किया. इस कार्रवाई में गैंग के सरगना विवेक यादव समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. उनके कब्जे से एक लाख 18 हजार रुपये के नकली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद हुए. यहां पुलिस का काम खत्म हुआ और सियासत शुरू हो गईं.

बीजेपी सपा के बीच छिड़ा सियासी संग्राम

अब यह कहानी ने पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुकी है. समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच खुली जंग छिड़ गई है. देवरिया से भाजपा विधायक शलभमणि त्रिपाठी और सपा के शीर्ष नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है. सबसे पहले हमला सपा की ओर से हुआ. सपा की ओर से आरोप सपा मीडिया सेल ने अपने X हैंडल पर भाजपा के देवरिया सदर से विधायक शलभमणि त्रिपाठी की कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें शलभमणि युवकों के साथ दिख रहे थे.

सपा ने दावा किया कि ये वही युवक हैं जो अब नकली नोट मामले में फंसे हुए हैं और भाजपा इन्हें सपा से जोड़कर अपना बचाव कर रही है. पोस्ट में लिखा गया देवरिया के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के साथ उन लड़कों की तस्वीर सामने है जो आज नकली नोट मामले में सपा के बताकर भाजपा और भाजपा सरकार का प्रशासन चीख-पुकार मचा रहे हैं. क्या मीडिया अब अपनी गलती स्वीकार करेगा? क्या शलभ मणि त्रिपाठी से भी पूछताछ होगी?

अखिलेश यादव ने भी ट्वीट

मामला तब और गर्माया जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने खुद इस पोस्ट को शेयर किया. अखिलेश ने लिखा, “देवरिया और गोरखपुर हैं ही कितनी दूर. भाजपाई नकली नोट तो देश के अंदर चला रहे हैं और असली नोट देश के बाहर ले जा रहे हैं. नकली नोट चलाने वालों की तस्वीरें भाजपा के विधायक के साथ सड़क से लेकर उनके कार्यालयों तक सबूत के तौर पर मिल चुकी हैं.” अखिलेश ने ‘बाटी-चोखा बैठक’ का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि योगी सरकार इस मामले में कार्रवाई करने से घबरा रही है क्योंकि इसमें “सबकी हिस्सेदारी” हो सकती है.

शलभमणि त्रिपाठी का पलटवार

भाजपा विधायक शलभमणि त्रिपाठी ने सपा के आरोपों का जवाब दिया. उन्होंने नकली नोट गैंग के सरगना विवेक यादव का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें विवेक यादव खुद को “खांटी सपाई बताते हुए कह रहा है कि वह जिला पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. विवेक का दावा है कि सपा कार्यकर्ता होने के कारण उसे फंसाया जा रहा है. उन्होंने पुलिस अधीक्षक को पत्र भी लिखा था कि विपक्षी उन्हें फर्जी मामले में जेल भिजवा सकते हैं.

शलभमणि ने लिखा कि गुनाहगार की गवाही, हूं सपाई, खांटी सपाई. उन्होंने आगे कहा अखिलेश , क्योंकि आप मुझसे पूछताछ करवाना चाहते हैं, इसलिए आपको उत्तर दे रहा हूं. मैं विधायक हूं. मुझसे मिलने सपाई भी आते हैं, बसपाई भी आते हैं. जनप्रतिनिधि के तौर पर बिना भेदभाव सबको सुनता हूं. अब हमें क्या पता कि कौन सा सपाई अपने नेताओं से प्रेरणा लेकर यहां देवरिया में लूट का ATM खोलकर बैठा है.

शलभमणि ने सपा नेताओं के साथ आरोपी की तस्वीर शेयर की

उसके बाद दूसरे पोस्ट शलभमणि ने विवेक यादव की तस्वीरें कई सपा नेताओं के साथ शेयर कीं और लिखा, “लाल टोपी की आड़ में जाली नोट का कारोबार कराना और फिर योजनाबद्ध तरीके से मेरे जनता दर्शन में समाजवादी पार्टी से जुड़े गुनाहगारों को भेजकर तस्वीरें खिंचवाना… ये साजिश काम नहीं आई. गुनाहगार धरे गए, साजिश का भंडाफोड़ हुआ. उन्होंने कहाकि लाल टोपी वाले हैं नकली नोटों के धुरंधर. विवाद की गहराई. इस पूरे प्रकरण ने सपा-भाजपा के बीच 2027 से पहले सियासी ब्यानबाजी तेज हो गई है.

भाजपा का कहना है कि नकली नोट चलाने वाले न सिर्फ अपराधी हैं बल्कि राष्ट्रद्रोही हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहे हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा सुप्रीमो खुलेआम कहते हैं कि उनकी सरकार बनने पर मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे. क्या इसका मतलब है कि नकली नोट छापने वालों को भी बचाया जाएगा?

सपा ने पूरे मामले को भाजपा का साजिश बताया

सपा ने पूरे मामले को भाजपा की साजिश करार दिया है और दावा किया है कि गिरफ्तार व्यक्ति को जानबूझकर फंसाया जा रहा है. दोनों तरफ से तस्वीरें, वीडियो और पोस्ट्स के जरिए जंग जारी है.देवरिया पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है. योगी आदित्यनाथ सरकार के सूत्रों का कहना है कि नकली नोट के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ जल्द होगा. यूपी की जनता इस “धुरंधर जैसी कहानी” को करीब से देख रही है. लेकिन फिलहाल देवरिया का यह मामला सपा और भाजपा के बीच सत्ता की लड़ाई को एक बार फिर सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक ले आया है.

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