TGT परीक्षा में सॉल्वर गैंग का साया? लखनऊ में 4 फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए
लखनऊ में 3 जून को आयोजित हुए टीजीटी परीक्षा में अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर 4 फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए. इन सभी मामलों में संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. अब पुलिस इन सभी गिरफ्तार फर्जी अभ्यर्थियों से पूछताछ शुरू कर दी है. पूछताछ के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किसी संगठित सॉल्वर गैंग का सदस्य तो नहीं हैं.
प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा के दौरान लखनऊ में पुलिस और परीक्षा केंद्र प्रशासन की सजगता से चार फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए. बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट और फेस आईडी) तथा स्थानीय जांच के दौरान इन व्यक्तियों ने दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने का प्रयास किया. पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के मुताबिक 03 जून को चार अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर ये घटनाएं सामने आईं. इन सभी मामलों में संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
थाना हुसैनगंज का है पहला मामला
थाना हुसैनगंज, परीक्षा केंद्र संख्या-4709, बप्पा श्री नारायण वोकेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज, चारबाग पर बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान अनियमितता पाई गई. विजय प्रताप सिंह नाम से परीक्षा देने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड जांच में मिसमैच पाया गया. असली जांच में पता चला कि 49 वर्षीय राजेश प्रताप सिंह पुत्र नागेंद्र सिंह, निवासी जौनपुर, दूसरे व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा दे रहा था.
दूसरा मामला थाना महानगर का
थाना महानगर, परीक्षा केंद्र संख्या-47118, आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, बादशाहनगर पर अमरजीत सिंह नामक अभ्यर्थी के फिंगरप्रिंट और फेस आईडी मैच नहीं किए. जांच में मनतेश सिंह (30 वर्ष) पुत्र शीतला सिंह, निवासी आजमगढ़, असली अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया.
थाना नाका और अमीनाबाद का है तीसरा-चौथा मामला
थाना नाका, डी.ए.वी. डिग्री कॉलेज, आर्यनगर में द्वितीय पाली के दौरान स्टेटिक मजिस्ट्रे पारसनाथ पाल और प्राचार्य की संयुक्त टीम ने एक फर्जी अभ्यर्थी को पकड़ा. रंग बहादुर यादव (प्रयागराज) अवध राज यादव के स्थान पर परीक्षा दे रहा था. इसके अलावा थाना अमीनाबाद, विद्यांत हिंदू इंटर कॉलेज, गौतमबुद्ध मार्ग, अमीनाबाद पर केंद्र व्यवस्थापक की टीम ने राम मनुज (35 वर्ष), निवासी अम्बेडकर नगर को जितेंद्र सिंह यादव के स्थान पर परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया गया.
आरोपी कहीं सॉल्वर गैंग के सदस्य तो नहीं?
अब पुलिस इन सभी गिरफ्तार फर्जी अभ्यर्थियों से पूछताछ शुरू कर दी है. पूछताछ के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किसी संगठित सॉल्वर गैंग का सदस्य तो नहीं हैं.प्रतियोगी परीक्षाओं में दूसरे अभ्यर्थियों की जगह बैठकर परीक्षा देने वाले गिरोह पहले भी कई बार पकड़े जा चुके हैं.ऐसे में पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर रही है.
