3 दिन, 2,427 सवाल और 12 विधेयकों को मंजूरी… कैसा रहा यूपी विधानसभा का मानसून सत्र?

उत्तर प्रदेश विधानसभा का 2026 का तीसरा सत्र ऐतिहासिक रहा. तीन दिवसीय सत्र में 12 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जिनमें राजस्व संहिता और निजी विश्वविद्यालय संशोधन शामिल हैं. सत्र की प्रमुख उपलब्धि डिजिटल संसदीय व्यवस्था को मजबूत करना था, जहां 95% से अधिक प्रश्न ऑनलाइन मिले.

मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश विधानसभा का साल 2026 का तीसरा सत्र बुधवार को संपन्न हो गया. तीन अगस्त से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय सत्र कई अहम विधायी फैसलों और डिजिटल संसदीय व्यवस्था को मजबूती देने के लिए यादगार रहा. इस दौरान सदन में कुल 12 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जबकि हजारों प्रश्नों और सैकड़ों याचिकाओं पर भी कार्रवाई की.

तीन दिनों में सदन की कुल तीन बैठकें हुईं. कुल 5 घंटे 32 मिनट की कार्यवाही में 2 घंटे 49 मिनट का स्थगन रहा, जबकि 2 घंटे 43 मिनट तक सदन की प्रभावी कार्यवाही चली. सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े 12 महत्वपूर्ण विधेयकों में अधिकांश 4 अगस्त को पास हुए, जबकि अनुपूरक विनियोग विधेयक 5 अगस्त को सदन से मंजूर किया गया.

इन 12 महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन से मंजूरी

सत्र के दौरान यूपी राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, लोक सेवा अधिकरण (संशोधन) विधेयक, निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े 4 संशोधन विधेयक, रजिस्ट्रीकरण एवं भारतीय स्टाम्प संशोधन विधेयक, यूपी वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय विधेयक और साल 2026-27 का अनुपूरक विनियोग विधेयक समेत कुल 12 महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन ने मंजूरी दी.

सत्र के दौरान विधानसभा सचिवालय की याचिका समिति को 435 याचिकाएं प्राप्त हुईं. इनमें से जांच के बाद 282 याचिकाएं ग्राह्य, 49 अग्राह्य घोषित की गईं, जबकि तय समय सीमा के बाद मिलने के कारण 104 याचिकाएं व्यपगत कर दी गईं. सचिवालय ने साफ किया कि 4 अगस्त की रात 8 बजे के बाद प्राप्त सभी याचिकाओं को व्यपगत की श्रेणी में रखा.

खास उपलब्धि सदन की डिजिटल व्यवस्था रही

संसदीय नियमों के तहत प्राप्त विभिन्न प्रस्तावों और सूचनाओं का भी निस्तारण किया गया. नियम-103 के तहत आए सभी 7 प्रस्ताव स्वीकार किए गए. वहीं नियम-51 के अंतर्गत प्राप्त 233 सूचनाएं, नियम-301 की 167, नियम-300 की 4 तथा नियम-311 के तहत प्राप्त 3 सूचनाएं निर्धारित मानकों पर खरी न उतरने के कारण अस्वीकृत कर दी गईं.

इसके अलावा नियम-56 के अंतर्गत कुल 17 सूचनाएं प्राप्त हुईं. प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा को कुल 2,427 प्रश्न प्राप्त हुए. इनमें 490 तारांकित और 1,466 अतारांकित प्रश्न स्वीकार किए गए. सरकार ने 120 तारांकित और 838 अतारांकित प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराए. इस सत्र की एक खास उपलब्धि विधानसभा की डिजिटल व्यवस्था रही.

सचिवालय के अनुसार, कुल 95.67 प्रतिशत प्रश्न ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए और उनके उत्तर भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए गए. इससे ई-विधान प्रणाली को और अधिक मजबूती मिली है.

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