राहुल गांधी के दौरे से पहले ‘फिरोज गांधी’ की एंट्री! प्रयागराज में BJP ने खेला नया सियासी दांव

राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे से पहले बीजेपी ने फिरोज गांधी की उपेक्षित कब्र को राजनीतिक मुद्दा बना दिया है. योगी सरकार उनकी विरासत को सम्मान देने का दावा करते हुए कांग्रेस पर परिवार की उपेक्षा का आरोप लगा रही है. दूसरी ओर राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे पर भी ग्रहण लग गया है.

राहुल गांधी(फाइल फोटो)

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संभावित प्रयागराज दौरे से पहले बीजेपी ने पूर्व सांसद और स्वतंत्रता सेनानी फिरोज गांधी की विरासत को राजनीतिक मुद्दा बना दिया है. सालों से उपेक्षित पड़ी फिरोज गांधी की प्रयागराज स्थित कब्र को लेकर योगी सरकार सक्रिय हो गई है. बीजेपी अब इसे कांग्रेस पर पलटवार का बड़ा हथियार बना रही है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को कब्रगाह की सफाई और व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी सौंपी है. बीजेपी का आरोप है कि नेहरू-गांधी परिवार ने सालों तक फिरोज गांधी की विरासत की उपेक्षा की, जबकि अब बीजेपी उनके योगदान को सम्मान दिलाने का काम कर रही है.

‘कांग्रेस ने अपने ही परिवार के सदस्य को भुला दिया’

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रयागराज पहुंचने से पहले यह मुद्दा उछालकर बीजेपी कांग्रेस को असहज करने की रणनीति पर काम कर रही है. हाल ही में बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने भी फिरोज गांधी की कब्र पर माल्यार्पण कर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया था.

बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस ने अपने ही परिवार के उस सदस्य को भुला दिया, जिसने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई और संसद में कई अहम मुद्दे उठाए. पार्टी का दावा है कि फिरोज गांधी के योगदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए. दूसरी ओर राहुल गांधी के दौरे से पहले ही कार्यक्रम को छात्रों की पढ़ाई छूटने के चलते रद्द किए जाने का दावा है.

फिरोज गांधी की कब्र लंबे समय से उपेक्षा का शिकार

प्रयागराज के रसूलाबाद क्षेत्र स्थित पारसी कब्रिस्तान में फिरोज गांधी की कब्र लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रही है. परिसर की देखरेख करने वाले परिवार का कहना है कि सालों से नेहरू-गांधी परिवार का कोई सदस्य यहां नहीं आया. अब सरकारी स्तर पर सफाई और मरम्मत की कवायद शुरू होने से यह स्थल एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है.

राहुल गांधी के संभावित दौरे से ठीक पहले फिरोज गांधी की विरासत को लेकर बीजेपी की सक्रियता को 2027 के विधानसभा चुनाव और कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा यूपी की राजनीति में और गरमा सकता है.

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