UP में फिर एक्टिव होगा मानसून! अगले 4 दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, देखें मौसम अपडेट

उत्तर प्रदेश में कमजोर पड़ा मानसून अब फिर सक्रिय हो रहा है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है, जो 27 से 30 जुलाई तक जारी रह सकती है. बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से मानसून की सक्रियता बढ़ी है. इस अलर्ट से किसानों को धान की रोपाई के लिए जरूरी पानी मिलेगा, जिससे उनके चेहरे पर खुशी लौट आई है.

सांकेतिक तस्वीर, इमेज श्रोत- AI

उत्तर प्रदेश में दो दिन से कमजोर पड़ा मानसून आज फिर एक्टिव हो सकता है. वहीं सोमवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश के योग बन रहे हैं. भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक आज रविवार को प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में छिटपुट बारिश होगी, लेकिन सोमवार को प्रदेश के ज्यादालर इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. इस दौरान कई जगह बादल गरजने और बिजली गिरने की भी घटनाएं हो सकती हैं.

मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक आज प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. खासतौर पर शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, रामपुर, पीलीभीत, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, बाराबंकी के अलावा प्रतापगढ़, कौशांबी, चंदौली, मिर्जापुर, जौनपुर, अयोध्या, गोंडा आदि जिलों में बारिश हो सकती है. हालांकि पूर्वांचल के कई जिलों में अगले 24 घंटों तक मौसम शुष्क रहने के भी आसार हैं.

4 दिन भारी बारिश का अलर्ट

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार इस समय मानसून टर्फ दोबारा उत्तर की ओर खिसक गया है. वहीं बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होने की वजह से उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय होने जा रहा है. उन्होंने बताया कि इन परिस्थितियों में अगले चार दिन यानी 27 से 30 जुलाई तक पूरे प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है. खासतौर पर राजधानी लखनऊ में भी सोमवार को बारिश होने की संभावना है.

किसानों के चेहरे पर लौटी खुशी

मौसम विभाग के ताजा अलर्ट से प्रदेश के किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है. प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में धान की रोपाई हो चुकी है और अब खेत में पानी की जरूरत है. ऐसे में मौसम विभाग की ओर से मानसून एक्टिव होने के अलर्ट से किसान खुश हो गए हैं. अब खेत में पानी भरने के लिए न तो उन्हें नहर के भरोसे रहना होगा और ना ही ट्यूबवेल चलाना होगा. प्रदेश के किसान कई दिनों से बारिश का इंतजार ही कर रहे थे.

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