प्रापर्टी से बेदखल कर सकेंगे मां-बाप… बुजुर्गों के हित में सरकार का बड़ा फैसला, डबल हुआ MBBS इंटर्नशिप भत्ता
यूपी कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. अब माता-पिता दुर्व्यवहार करने वाले या भरण-पोषण न करने वाले बच्चों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे. उनकी शिकायत पर संबंधित जिला मजिस्ट्रेट 30 दिन में सुनवाई करेंगे. साथ ही, सरकार ने एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न का मासिक भत्ता ₹12,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया है. जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई.
उत्तर प्रदेश में सीएम योगी की कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के मुताबिक ‘उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014’ में संशोधन करते हुए नियम 22 में 22क, 22ख और 22ग जोड़ने का निर्णय लिया गया है. इस नियम के तहत मां-बाप अपने बच्चों को संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे.
इसके लिए बेदखली की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है. यदि किसी भी वरिष्ठ नागरिक की संतान या उनके अन्य आश्रित रिश्तेदार उनका भरण-पोषण नहीं कर रहे हैं, अथवा उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार कर रहे हैं, तो पीड़ित बुजुर्ग उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे. वित्त मंत्री ने बताया कि बुजुर्गों को इस व्यवस्था का लाभ आसानी से मिल सके, इसके लिए बेदखली की प्रक्रिया को स्पष्ट और समयबद्ध बनाया गया है.
डीएम के पास होगी शिकायत
इस व्यवस्था के तहत सरकार जल्द ही एक टोल नंबर भी जारी करेगी. इससे कोई वरिष्ठ नागरिक स्वयं जाकर शिकायत करने के बजाय घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा. वित्त मंत्री के मुताबिक नए प्रावधानों में जिला मजिस्ट्रेट के पास शिकायत की जा सकेगी और उन्हें इस प्रकार के सभी मामलों की मासिक रिपोर्ट सरकार को देनी होगी. शिकायतों की सुनवाई 30 दिन के अंदर की जाएगी, ताकि बुजुर्गों को न्याय के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े.
एमबीबीएस इंटर्न की मांग पूरी
प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों, संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस व बीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर रोटेटिंग इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को अब हर माह 12 हजार के बजाय 25 हजार रुपये इंटर्नशिप भत्ता मिलेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. योगी सरकार ने इससे पहले 2021 में यह भत्ता 7500 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया था.
केजीएमयू में इंटर्न ने किया प्रदर्शन
प्रदेश भर के राजकीय मेडिकल कालेजों, संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस व बीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर रोटेटिंग इंटर्नशिप करने वाले छात्र मौजूदा भत्ते का लगातार विरोध कर रहे थे. इस संबंध में लखनऊ में ही केजीएमयू के बाहर एमबीबीएस इंटर्न ने जोरदार प्रदर्शन किया था. सरकार से मांग की थी कि उन्हें सम्मानजनक भत्ता मिलना चाहिए. सरकार ने उनकी मांगें मान ली है.