UP के 20 शहरों को जाम मुक्त बनाएगी यूपी पुलिस की यह स्कीम! DGP ने बताया 5E फॉर्मूला

यूपी पुलिस ने 20 शहरों को जाम मुक्त करने के लिए "5E फॉर्मूला" लागू किया है. डीजीपी राजीव कृष्ण के अनुसार, यह योजना एजुकेशन, अवेयरनेस, इन्फोर्समेंट, इंजीनियरिंग, इंक्रोचमेंट और ई-रिक्शा पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पीक ऑवर में भी निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करना है. इसी के साथ "जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट" योजना से सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने पर भी जोर है.

डीजीपी राजीव कृष्ण Image Credit:

उत्तर प्रदेश में जाम की समस्या से जूझ रहे 20 प्रमुख शहरों के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है. उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि इन शहरों में लगने वाले जाम से निपटने के लिए 5E फार्मूला लागू किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि शहरों में ट्रैफिक कम करने के लिए सिटी ट्रैफिक कंजम्पशन स्कीम लागू की जा रही है. इसके पहले फेज में 20 शहरों को काम किया जाएगा. लखनऊ में भी ट्रैफिक स्ट्रेच को स्टडी किया गया है. जिस टाइम में यहां प्रॉब्लम आती है, उसे आइडेंटिफाई कर उसका समाधान निकाला जा रहा है.

उन्होंने कहा कि ऐसा प्रयास किया जा रहा है कि पीक ऑवर में भी निर्विघ्न यात्रा संभव हो सके. इसके लिए 5E फार्मूले पर काम किया जा रहा है. इसमें एजुकेशन, अवेयरनेस, इन्फोर्समेंट, इंजीनियरिंग, इंक्रोचमेंट और ई रिक्शा शामिल है. इसी साल जनवरी में पुलिस ने ट्रैफिक और एक्सीडेंट को लेकर एक योजना शुरू की थी. यह योजना प्रदेश के 68 जिलों और 7 पुलिस कमिश्नरेट में एक साथ लागू हुई थी. इन सभी जिलों में एक्सिडेंट के लिहाज से 487 क्रिटिकल थाने थे. इन सभी थानों में ट्रेनिंग रिसोर्सेस और एसओपी बनाकर काम किया गया. इसके नतीजे उत्साहजनक रहे है.

हर रोज बची 6 लोगों की जान

पहली तिमाही में ही 450 एक्सीडेंट से मृत्यु दर में कमी आई है. यही नहीं, रोजाना 5 से 6 लोगों की जान बचाने में सफलता भी मिली है. डीजीपी राजीव कृष्ण के मुताबिक उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और इनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए ‘जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ (Zero Fatality District-ZFD) योजना का दूसरा चरण शुरू किया है. इस योजना के दूसरे चरण में प्रदेश के 55 जिलों के 245 संवेदनशील थाना क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है. सरकार का लक्ष्य सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या शून्य हो. इसके लिए योजनावद्ध तरीके से काम किया जा रहा है.

हादसों पर अध्ययन कर रही पुलिस

उन्होंने बताया कि प्रदेश के पुलिस अधिकारियों को एक साल के अंदर हुए हर छोटे बड़े हादसों पर अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं. इसमें देखा जा रहा है कि हादसे कहां हुए, क्यों हुए, कैसे हुए, क्या ये हादसे रोके जा सकते थे, क्या एक ही स्थान पर बार बार तो हादसे नहीं हुए, इन हादसों में कितनी मौत हुई, क्या ये मौतें रोकी जा सकती थी, इस अध्ययन में इन सभी सवालों के जवाब खोजे जा रहे हैं. इसी के साथ प्रदेश की सड़कों पर ब्लैक स्पॉट भी चिन्हित करने को कहा गया है.

233 थानों में कम हुए हादसे

डीजीपी के मुताबिक पहले चरण में 20 जिलों के 233 पुलिस थानों को चिन्हित कर वहां विशेष प्रयास किए गए. इससे हादसों में कमी आई है. ZFD योजना के दूसरे चरण में 55 अन्य जिलों को शामिल किया गया है. इन 55 जिलों में हादसों की दृष्टि से संवेदनशील 245 थाने शामिल किए गए हैं. इन जिलों के अधिकारियों की ट्रेनिंग शुरू हो गई है. जल्द ही इन जिलों से भी पॉजिटिव रिजल्ट आने की पूरी संभावना है.

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