जिसे तलाश रही थी 4 जिलों की पुलिस, लखनऊ में मारा गया खान मुबारक गैंग का शार्प शूटर संजय
यूपी एसटीएफ ने अंबेडकर नगर के कुख्यात खान मुबारक गैंग के शूटर संजय उर्फ संजीव को लखनऊ में हुई मुठभेड़ में मार गिराया है. वह लखनऊ के बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड में फरार चल रहा था और उस पर एक लाख का इनाम था. संजय पर हत्या, रंगदारी समेत कई मामले दर्ज थे. एसटीएफ ने लंबे समय से उसकी तलाश के बाद उसे ढेर किया.
उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर के कुख्यात खान मुबारक गैंग के शूटर संजय उर्फ संजीव को आज शनिवार की अल सुबह यूपी एसटीएफ ने मार गिराया है. लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में बीते 27 मई को हुए बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे इस बदमाश की तलाश अंबेडकर नगर, लखनऊ, अयोध्या और बस्ती आदि जिलों की पुलिस कर रही थी. लखनऊ पुलिस ने इस बदमाश पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया था.
एनकाउंटर के बाद एसटीएफ ने इस बदमाश की प्रोफाइल का खुलाया किया है. एसटीएफ के मुताबिक मूल रूप से अंबेडकर नगर के अहिरौली थाना क्षेत्र में गांव चक कोदार का रहने वाल संजय पुत्र हरीराम के खिलाफ हाल ही में पुलिस कमिश्नर लखनऊ ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. इस बदमाश ने 27 मई को दिनदहाड़े गोली मारकर बिल्डर संदीप सिंह की हत्या कर दी थी. इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था. इसमें यह बदमाश गोली मारते देखा गया था.
सुपारी देकर कराई थी बिल्डर की हत्या
पुलिस की जांच में सामने आया है कि बिल्डर संदीप सिंह की दूसरे बिल्डर दिनेश यादव के साथ रंजिश थी. इसी रंजिश में दिनेश यादव ने सुपारी देकर संजय से संदीप की हत्या कराई थी. इस साजिश का खुलासा होने के बाद पुलिस ने दिनेश यादव और उसके ड्राइवर मुकरबीन और मुबीन को अरेस्ट किया था. वहीं वारदात को अंजाम देने वाले दोनों शूटर फरार थे. इनमें से मुख्य शूटर को आज पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है.
अल सुबह हुआ एनकाउंटर
एसटीएफ के एडिश्नल एसपी दीपक सिंह के मुताबिक टीम कई दिनों से संजय की घेरबंदी करने की कोशिश में थी. इसी दौरान शनिवार की अल सुबह इस बदमाश के इंदिरा कैनाल रोड के आसपास होने की सूचना मिली. इस सूचना पर पहुंची पुलिस ने इसे घेर लिया और सरेंडर के लिए कहा, लेकिन इस बदमाश ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी. ऐसे में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की. इस दौरान गोली लगने से वह घायल हो गया. आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया है.
हत्या और रंगदारी था मुख्य धंधा
यूपी एसटीएफ के मुताबिक पुलिस रिकॉर्ड में इस बदमाश के खिलाफ एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं. यह मामले अंबेडकरनगर, बस्ती और अयोध्या, लखनऊ समेत कई अन्य जिलों में दर्ज हैं. इनमें ज्यादातर मामले हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी के हैु. पुलिस की जांच में इस बदमाश के कनेक्शन अंबेडकरनगर के कुख्यात बदमाश दिलीप वर्मा से भी जुड़े पाए गए हैं. वहीं खान मुबारक गैंग का यह सक्रिय शूटर था.