मिशन 2027: योगी कैबिनेट विस्तार से लेकर बोर्ड-निगमों में नियुक्तियां तक, ऐसे सामाजिक समीकरणों को साधेगी बीजेपी

यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार होना है. साथ ही साथ विभिन्न आयोगों, बोर्डों तथा निगमों में सैकड़ों खाली पद भी भरे जाने हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार और आयोग-निगमों में नियुक्तियां को लेकर बीजेपी सामाजिक समीकरणों का खास ध्यान रखेगी.

सीएम योगी आदित्यनाथ ( फाइल फोटो)

2027 विधानसभा चुनाव में अब साल भर का वक्त बचा है. ऐसे में भाजपा अब सामाजिक समीकरण साधने में जुट गई है. अप्रैल के मध्यावधि तक प्रदेश में दो बड़े कदम उठाए जाने की संभावनाएं हैं. योगी सरकार मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ-साथ विभिन्न आयोगों, बोर्डों तथा निगमों में सैकड़ों खाली पदों को भरे जाने हैं.. पूरी प्रक्रिया की अंतिम सूची दिल्ली में तैयार होगी.

फिलहाल छह मंत्रिपद खाली हैं. इन्हें भरने के साथ कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को संगठन में भेजा जाएगा. नए चेहरों को मौका दिया जाएगा. कुछ मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव होगा, लेकिन शीर्ष स्तर पर कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा. मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय और सामाजिक असंतुलन को दूर करना है.

पिछड़ा वर्ग को दो बड़े संदेश

दिसंबर 2025 में कुर्मी बिरादरी के पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने ओबीसी को मजबूत संदेश दिया था. अब इसी हफ्ते अतिपिछड़ा वर्ग की निषाद बिरादरी की साध्वी निरंजन ज्योति को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने अपनी रणनीति और स्पष्ट कर दी है.

सूत्र बताते हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार और खाली पदों को भरने के जरिए अगड़ा, गैर-यादव ओबीसी, अतिपिछड़ा और गैर-जाटव वोट बैंक को एक साथ साधने की कोशिश की जाएगी. वही वोट बैंक जिसकी बदौलत भाजपा पिछले एक दशक से यूपी में अजेय रही है.

शुक्रवार से शुरू हुई बैठकें, फैसला दिल्ली में

यूपी में शुक्रवार से बैठक का सिलसिला शुरू हो गया है. इस बीच संघ-भाजपा समन्वय समिति, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, दोनों डिप्टी CM ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्या के अलावा संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह के साथ अहम बैठकें हुई. सूत्रों का कहना है कि कुछ और बैठकें भी प्रस्तावित हैं. इसके बाद पूरी सूची को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाएगी.

प्रमुख आयोग-निगमों में सैकड़ों पद रिक्त

प्रदेश के 12 बड़े आयोगों, बोर्डों और निगमों में सैकड़ों पद अभी भी खाली पड़े हैं. मनोनीत पार्षदों के पद भी लंबे समय से रिक्त हैं. आपसी खींचतान और सहमति न बन पाने के कारण ये पद भर नहीं पाए थे. अब केंद्रीय नेतृत्व ने साफ निर्देश दे दिया है कि मध्य अप्रैल तक इन पदों को हर हाल में भरा जाए.

2027 के लिए ‘वोट बैंक सेफ्टी’ की रणनीति

पार्टी के रणनीतिकार मानते हैं कि 2024 से पहले वाला मजबूत वोट बैंक फिर से जोड़ने के लिए सामाजिक समीकरण सबसे जरूरी है. मंत्रिमंडल विस्तार और आयोग-निगमों में नियुक्तियां इसी लक्ष्य को पूरा करेंगी. वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र कुमार कहते है कि इन पदों पर ऐसे चेहरों को तरजीह दी जाएगी जो विभिन्न जातीय समीकरणों को संतुलित करें और पार्टी की पहुंच हर वर्ग तक बढ़ाए.

भाजपा नेतृत्व का मानना है कि इन कदमों से न सिर्फ संगठन मजबूत होगा बल्कि 2027 में कोई भी सामाजिक वर्ग नाराज नहीं रहेगा. अब देखना यह है कि मध्य अप्रैल तक दिल्ली से निकलने वाली अंतिम सूची कितने नए चेहरों को मौका देती है और कितना सामाजिक संतुलन साध पाती है.

Follow Us