लखनऊ में CM योगी बोले- कोई टोंटी चोरी कर रहा हो तो उसे टोकना चाहिए

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित जलवायु परिवर्तन संगोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की. मुख्यमंत्री ने भूमाफिया, वन माफिया और खनन माफिया के प्रति सतर्क रहने की अपील की और पानी की बर्बादी रोकने पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए गए हैं और इस वर्ष 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पांच करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है.

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ Image Credit:

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की. लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित जलवायु परिवर्तन पर संगोष्ठी में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को पांच संकल्प दिलाए और प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाले भूमाफिया, वन माफिया और खनन माफिया के खिलाफ सतर्क रहने की अपील की. सीएम योगी ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है.

लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान’ विषयक संगोष्ठी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग जल स्रोतों, जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उनके प्रति समाज को सजग रहना होगा. सीएम योगी ने कहा कि जल है तो कल है और वन है तो जीवन है. उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में मौसम चक्र में बड़ा बदलाव आया है, जिसका सबसे ज्यादा असर किसानों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है.

9 साल में यूपी में लगाए गए 242 करोड़ पौधे

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को पांच संकल्प भी दिलाए. इनमें एक पेड़ मां के नाम लगाने, लगाए गए पौधों की सुरक्षा करने, जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने और प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाने का संकल्प शामिल है. सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ा गया है. उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, इस साल भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पांच करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं.

‘…ऐसे लोगों को टोकना चाहिए’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि लोग पानी की बर्बादी रोकें. उन्होंने कहा कि कोई टोंटी चोरी कर रहा हो या पानी व्यर्थ बहा रहा हो तो समाज को ऐसे लोगों को टोकना चाहिए. उन्होंने तालाबों, पोखरों, कुओं और बावड़ियों के संरक्षण को समय की जरूरत बताया. अपने संबोधन में सीएम योगी ने कुकरैल, रामगढ़ताल और चिलुआताल जैसे जल एवं वन क्षेत्रों के संरक्षण का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां प्रकृति सुरक्षित रहती है, वहां तापमान और पर्यावरण दोनों बेहतर रहते हैं.

‘प्रकृति सुरक्षित रहेगी तभी मानवता सुरक्षित रहेगी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग, वायु प्रदूषण, जैव विविधता का क्षरण और जल संकट आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती हैं. ऐसे में प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही मानवता का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के संदेश को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बना रहा है. पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश साफ है—प्रकृति सुरक्षित रहेगी तभी मानवता सुरक्षित रहेगी.

Follow Us