130 फीट ऊंचा शिवलिंग, कम्युनिटी पार्क… काशी में बनेगा इंटरप्रेटेशन सेंटर

वाराणसी में काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से वर्ल्ड क्लास काशी इंटरप्रेटेशन सेंटर और कम्युनिटी पार्क विकसित किया जाएगा. भेलूपुर स्थित लगभग 20 एकड़ भूमि पर बनने वाली इस परियोजना का मुख्य आकर्षण 130 फीट ऊंचा भव्य शिवलिंग होगा.

काशी इंटरप्रेटेशन सेंटर में 130 फीट ऊंचा शिवलिंग बनेगा

काशी की आध्यात्मिक पहचान को दुनिया के सामने नए अंदाज में पेश करने की तैयारी शुरू हो गई है. वाराणसी नगर निगम अब एक ऐसा वर्ल्ड क्लास काशी इंटरप्रेटेशन सेंटर और कम्युनिटी पार्क विकसित करने जा रहा है, जहां काशी के पांच हजार वर्षों के इतिहास, संस्कृति, अध्यात्म और विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए जीवंत किया जाएगा. इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण होगा 130 फीट ऊंचा महादेव स्वरूप शिवलिंग.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है. भेलूपुर स्थित जलकल विभाग की खाली पड़ी लगभग 20 एकड़ भूमि पर 100 करोड़ रुपये की लागत से वर्ल्ड क्लास काशी इंटरप्रेटेशन सेंटर और कम्युनिटी पार्क विकसित किया जाएगा. नगर निगम का दावा है कि यह परियोजना काशी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करेगी.

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य केवल एक पार्क बनाना नहीं, बल्कि काशी की पांच हजार वर्ष पुरानी सभ्यता को दुनिया के सामने नए स्वरूप में प्रस्तुत करना है. यहां आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु काशी के प्राचीनतम स्वरूप ‘आनंद कानन’ को महसूस कर सकेंगे. म्यूजियम के माध्यम से काशी के विकास, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक यात्रा को क्रमबद्ध तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा.

इस इंटरप्रेटेशन सेंटर में काशी के घाटों, मंदिरों, गंगा, बुनकर संस्कृति और सारनाथ की ऐतिहासिक विरासत को विशेष स्थान दिया जाएगा. इसके अलावा बनारस घराने की संगीत परंपरा और पद्म पुरस्कारों से सम्मानित महान संगीतज्ञों के योगदान को भी आधुनिक प्रदर्शन तकनीक के जरिए दर्शाया जाएगा. यानी काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आत्मा को एक ही परिसर में महसूस किया जा सकेगा.

परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण 130 फीट ऊंचा भव्य शिवलिंग होगा. नगर निगम के मुताबिक, यह शिवलिंग काशी की पहचान और शिवनगरी की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बनेगा. यदि यह परियोजना तय स्वरूप में पूरी होती है तो यह देश के सबसे अनोखे और विशाल शिवलिंगों में शामिल होगा. शिवभक्तों और पर्यटकों के लिए यह एक नया आकर्षण केंद्र बनने जा रहा है. पार्क में केवल धार्मिक संरचनाएं ही नहीं होंगी, बल्कि आधुनिक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा.

सिंथेटिक जॉगिंग ट्रैक, वॉकिंग ट्रैक, लेजर शो, आधुनिक लाइटिंग, हरित क्षेत्र, तारामंडल और कम्युनिटी स्पेस जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसके जरिए यह स्थान धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ परिवारों और युवाओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा. नगर निगम का मानना है कि काशी इंटरप्रेटेशन सेंटर धार्मिक पर्यटन को नई गति देगा और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को काशी को समझने का एक नया मंच उपलब्ध कराएगा.

काशी विश्वनाथ धाम, नमो घाट और गंगा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के बाद अब काशी इंटरप्रेटेशन सेंटर वाराणसी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

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