UP: साइबर अपराधियों पर अब तक का सबसे बड़ा एक्शन, 42 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मथुरा में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया. मंगलवार तड़के चार थाना क्षेत्रों के साइबर हॉटस्पॉट गांवों में एक साथ छापेमारी कर 100 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से जांच के बाद 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया. अभियान के दौरान ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी रखी गई और बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड व अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए.

मथुरा पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया है. मंगलवार तड़के शुरू हुए इस महाऑपरेशन में पुलिस ने चार थाना क्षेत्रों के साइबर हॉटस्पॉट गांवों में एक साथ छापेमारी की. आधुनिक तकनीक और ड्रोन कैमरों की मदद से चलाए गए इस अभियान में 100 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से पूछताछ और जांच के बाद 42 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं. इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.

तड़के शुरू हुआ पुलिस का महाऑपरेशन

मथुरा पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ यह विशेष अभियान मंगलवार सुबह तड़के शुरू किया. यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक के निर्देश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई. पुलिस ने पहले से मिले इनपुट और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर चार थाना क्षेत्रों के कई गांवों को साइबर अपराध का हॉटस्पॉट चिह्नित किया था. इसी के आधार पर एक साथ कई टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी.

चार थाना क्षेत्रों के कई गांवों में एक साथ रेड

पुलिस के मुताबिक, जिन गांवों में कार्रवाई की गई, वहां से लंबे समय से ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराध से जुड़े मामलों की शिकायतें मिल रही थीं. ऑपरेशन के दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमें एक साथ कई गांवों में पहुंचीं ताकि किसी भी आरोपी को भागने का मौका न मिले. इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पुलिस ने पहली बार बड़े पैमाने पर ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया.

ड्रोन कैमरों से रखी गई निगरानी

ड्रोन के जरिए गांवों और आसपास के क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी गई ताकि कोई संदिग्ध व्यक्ति खेतों या दूसरे रास्तों से भाग न सके. पुलिस का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से ऑपरेशन अधिक प्रभावी साबित हुआ. मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 100 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर 42 लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

भारी संख्या में मोबाइल और डिजिटल साक्ष्य बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं. इसके अलावा कई डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल किन-किन राज्यों में साइबर ठगी के लिए किया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रहेगी.

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