मौत के मुंह से बेटे को खींच लाई मां, तेंदुए के जबड़े से 3 साल के मासूम को ऐसे छुड़ाया

मुरादाबाद में तेंदुए ने 3 साल के बच्चे पर हमला कर दिया. बच्चे का गर्दन अपने जबड़े में दबा कर भागने लगा. ऐसे में बच्चे की मां ने साहस दिखाते हुए तेंदुए का पीछा किया. उसके गले पर गन्ने से ताबड़तोड़ वार किए और बच्चे को तेंदुए के जबड़े से छुड़ा लिया.

मुरादाबाद में तेंदुआ का हमला Image Credit:

मुरादाबाद में एक मां अपने बच्चे की जान बचाने के लिए तेंदुए से ही भिड़ गई. उसके जबड़े से अपने 3 साल के बच्चे को खींच लाई. फिलहाल, बच्चे की हालत गंभीर है. परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर गए थे. लेकिन वहां से उसे उत्तराखंड रेफर कर दिया गया था. अब घर वाले बच्चे को लेकर दिल्ली जा रहे हैं. बच्चे के गर्दन पर गहरे घाव हैं. दाए कान को भी तेंदुए ने नोच खाया है.

मुरादाबाद के दलपत गांव निवासी रवि का 3 साल का बच्चा कृष्ण कुमार अपने घर के बाहर खेल रहा था. इस बीच वहां, तेंदुआ आ गया. बच्चे के गर्दन को जबड़े में दबाकर भागने लगा. बच्चे की चीख निकलते ही मां पिंकी ने तेंदुए को बच्चे को लेकर भागते देखा. ये देख पिंकी शोर मचाते हुए घर के बाह पड़े गन्ने को लेकर तेंदुए के पीछे भागी . तेंदुआ जब खेत पर रूका तो उसके गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किए. इस बीच तेंदुए ने बच्चे को छोड़ दिया.

मां ने तेंदुआ का 200 मीटर तक किया पीछा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बच्चे के रोने की आवाज सुनकर मां ने तेंदुए का 200 मीटर तक पीछा किया. इस बीच जब मां ने गन्ने से तेंदुए पर वार किए तो वह बच्चे को छोड़कर उसकी तरफ बढ़ा. हालांकि, तबतक लाठी-डंडा लेकर अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए. उन्होंने तेंदुए पर हमला कर दिया, जिससे वह जंगल की तरफ भाग गया. बाद में ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम और दरोगा पीयूष जोशी भी वहां पहुंचे.

गांव में 7 साल में करीब 6 बच्चों पर तेंदुआ का हमला

पिता रवि के मुताबिक बच्चे के कान और गर्दन में गंभीर घाव है. मुरादाबाद और उत्तराखंड में सर्जरी नहीं हो पाई, इसलिए बेटे को अब दिल्ली ले जा रहे हैं. ग्रामीणों के मुताबिक अक्सर तेंदुआ का आतंक देखने को मिलता है. कि पिछले 7 साल में करीब 6 बच्चों पर तेंदुआ हमला कर चुका है.