शाही जामा मस्जिद के इमाम पर 7 करोड़ का जुर्माना, संभल में सरकारी जमीन कब्जा करने का था आरोप
संभल के जामा मस्जिद के शाही इमाम आफताब हुसैन और उनके भाई मेहताब हुसैन पर ग्राम समाज की जमीन पर मकान, मस्जिद और दरगाह का निर्माण कराने का आरोप है. अब इस मामले तहसीलदार कोर्ट ने उनपर 7 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही प्रशासन को कब्जा हटाने का आदेश दिया है.
यूपी जनपद संभल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है. शाही जामा मस्जिद के शाही इमाम आफताब हुसैन और उनके भाई पर ग्राम समाज की जमीन पर निर्माण कराने का आरोप लगा है. तहसीलदार कोर्ट ने जमीन को सरकारी घोषित करते हुए कब्जा हटाने का आदेश दिया है. साथ ही शाही इमाम पर 7 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
मामला संभल के पंवासा ब्लॉक के सैफ खां सराय गांव का है. यहां गाटा संख्या 452 की करीब 0.1340 हेक्टेयर यानी लगभग दो बीघा ग्राम समाज की जमीन पर निर्माण करने का आरोप है. इस जमीन की अनुमानित कीमत 6 करोड़ 94 लाख रुपये बताई जा रही है. आरोप है कि शाही इमाम आफताब हुसैन और उनके भाई मेहताब हुसैन ने इस जमीन पर पक्का मकान, मस्जिद और दरगाह का निर्माण कराया था.
हाईकोर्ट गए थे शाही इमाम लेकिन नहीं मिली राहत
मामले में क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट के बाद ग्राम सभा की ओर से नोटिस जारी किया गया. इसके खिलाफ शाही इमाम की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी पक्ष रखा गया, लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली. इसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने जमीन को सरकारी घोषित करते हुए अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया. साथ ही शाही इमाम पर लगभग 7 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.
शाही इमाम आफताब हुसैन पर लगा था सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप
शाही इमाम आफताब हुसैन और उनके भाई मेहताब हुसैन पर ग्राम समाज की जमीन पर मकान, मस्जिद और दरगाह का निर्माण कराने का आरोप है. मामले में क्षेत्रीय लेखपाल राहुल धारिवाल ने 24 जून 2025 को अपनी रिपोर्ट तहसीलदार कोर्ट में पेश की थी. इसके बाद यह कार्रवाई शुरू की गई थी. नोटिस जारी होने के बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वहां से शाही इमाम को राहत नहीं मिली.
शाही इमाम आफताब हुसैन ने कहा ये रिपोर्ट गलत
अब इस मसले पर शाही इमाम आफताब हुसैन का कहना है कि यह रिपोर्ट गलत है. उनका दावा है कि यह निर्माण करीब 20 साल पुराना है और यह जमीन उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज है. ऐसे में यह रिपोर्ट गलत है कि मैंने ग्राम समाज की जमीन पर मकान, मस्जिद और दरगाह बना लिया है.