मुरादाबाद में जलभराव पर DM का बड़ा एक्शन, 3-स्तरीय प्लान लागू; नियम तोड़ा तो भारी जुर्माना

मुरादाबाद में जलभराव और गंदगी को लेकर DM सख्त हो गए हैं. उन्होंने 3-स्तरीय व्यवस्था लागू की है, जिसमें नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना भी शामिल है. ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ प्रबंधन और जर्जर मकानों पर सीलिंग एक्शन भी जारी है. साथ ही 9 सितंबर को एक बड़ी बैठक बुलाई है.

मुरादाबाद जलभराव से निपटने DM का नया प्लान Image Credit:

मुरादाबाद में लगातार बारिश के बाद शहर में जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने रंगोली कॉलोनी, ऑफिसर्स कॉलोनी और साईं मंदिर रोड समेत कई इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान नालों की सफाई, खाली प्लॉटों में कूड़ा जमा होने और भवनों से नालियों में सीधे कचरा गिराए जाने की स्थिति सामने आई.

डीएम ने साफ कर दिया कि जलभराव के लिए जिम्मेदार लापरवाह लोगों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. शहर में जलभराव के हालात पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. डीएम ने निरीक्षण के बाद इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए तीन-स्तरीय व्यवस्था लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं. साथ ही लापरवाही पर जुर्माने का भी प्रावधान है.

जलभराव रोकने के लिए 3-स्तरीय प्लान

तीन-स्तरीय व्यवस्था के तहत सबसे पहले शहर के नालों की तलीझाड़ सफाई कराई जाएगी, ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके. इसके साथ ही मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) को अवैध निर्माण और नालों की ओर निकाली गई अनधिकृत खिड़कियों, दरवाजों और एसी आदि के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं.

प्रशासन की नजर खाली प्लॉटों पर भी है. ऐसे कई प्लॉट सामने आए हैं, जहां लोग कूड़ा डालकर उन्हें डंपिंग ग्राउंड में बदल रहे हैं. डीएम ने ऐसे प्लॉट मालिकों की जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

खाली प्लॉट में कूड़ा मिला तो मालिक पर कार्रवाई

वहीं, जिन खाली प्लॉटों को डंपयार्ड बना दिया गया है, उनके स्वामियों पर सख्त कार्रवाई होगी. प्रशासन के मुताबिक, भूखंड को सुरक्षित रखना, सात-आठ फीट की बाउंड्रीवॉल बनाना और गेट लगाना मालिक का दायित्व है. ऐसा न करने पर प्रशासन सफाई का पूरा खर्च मस्टर रोल के आधार पर मालिकों से वसूलेगा और नगरपालिका भी भारी अर्थदंड लगाएगा.

शहर के साथ-साथ देहात क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पर जानकारी देते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने बताया कि नदियों में पानी का स्तर बढ़ने के कारण कोसी और रामगंगा का जलस्तर बैक-फ्लो कर रहा है. इससे निपटने के लिए बाढ़ शरणालय और मेडिकल कैंप सक्रिय कर दिए गए हैं और एसडीएम मौके पर मुस्तैद रहकर राहत कार्य में जुटे हैं.

जर्जर मकानों पर प्रशासन का सीलिंग एक्शन जारी

इसके अलावा, बारिश के मौसम में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जर्जर मकानों पर भी प्रशासन का सीलिंग एक्शन जारी है. डीएम ने बताया कि आगामी 9 तारीख को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें शहर और देहात के ऐसे सभी जर्जर भवनों का तकनीकी मूल्यांकन कराकर उन्हें शत-प्रतिशत सील किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि इन मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा ताकि भविष्य में जनहानि की कोई गुंजाइश न रहे है. प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि अतिक्रमण हटाने, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और कड़े आर्थिक दंड के प्रावधानों से आगामी तीन-चार दिनों में जलभराव और हादसों से शहर को पूरी राहत दिलाई जा सके है.

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