टोल दो और मौत से खुद बचो! GT रोड पर जलभराव-गड्ढों से जानलेवा हादसे, कब जागेगा NHAI?
लालकुआं से सिकंदराबाद तक NH-91 (जीटी रोड) गड्ढों और जलभराव के कारण जानलेवा बन गई है. बारिश में सड़क दिखाई नहीं देती, जिससे कई गंभीर हादसे हुए हैं, एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है. दूसरी ओर टोल ट्रैक्स भी जारी है, ऐसे में NHAI की अनदेखी पर सवाल उठ रहे हैं.
लगातार हो रही बारिश के चलते लालकुआं से लेकर सिकंदराबाद की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग NH-91 (GT रोड) पर हुए गड्ड ने बदहाली की पोल खोल कर रख दी है. यह गड्ढे अब मौत का रास्ता बन गए हैं. बारिश का पानी इन गढ़ों में भर जाने के बाद सड़क की हालत और भी खतरनाक हो गई है. वाहन चालकों को सड़क और गड्ढे का पता नहीं चल पा रहा है.
हालत ऐसी है कि पानी में समाई सड़क अब हादसों और मौत का रास्ता बनती जा रही है. लाल कुआं से लेकर छपरौला बादलपुर के आसपास जीटी रोड की करीब 4 से 5 किलोमीटर की यह सड़क अब गहरी गड्ढो और जल भराव का सबब बन चुकी है. इस मार्ग से हर दिन लाखों वाहन गुजरते हैं. बारिश के बाद वाहनों की रफ्तार थम गई है.
बाइक सवार की मौत, कई हो चुके हैं घायल
बीते 5 सितंबर को इसी बदहाल सड़क पर एक दर्दनाक हादसा हुआ. करीब 35 वर्षीय युवक की बाइक पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरी. हादसे में युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक महीने में इस मार्ग पर करीब आधा दर्जन हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोग घायल हुए हैं.
लगातार हो रहे हादसों को लेकर स्थानीय पुलिस ने जेसीबी की मदद से गड्ढों को भरने का प्रयास किया और वाहन चालकों को सावधानी से निकलने के लिए लगातार जागरूक भी किया जा रहा है. लेकिन सवाल यह है कि आखिर हाईवे की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग की ओर से स्थाई समाधान कब किया जाएगा?
टोल देने के बावजूद जीटी रोड का बुरा हाल
वाहन चालकों का यह भी कहना है कि जीटी रोड पर लाल कुआं से लेकर दादरी और सिकंदराबाद मार्ग के बीच लुहारली टोल के जरिए फास्ट टैग से छोटे चार पहिया वाहनों से करीब 150 रुपये और बड़े वाहनों से करीब 250 रुपये तक का शुल्क लिया जाता है. सवाल है कि जब टोल वसूली हो रही है तो इसकी मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
करीब 35 किलोमीटर लंबे इस प्रमुख मार्ग पर 15 KM की सड़क ठीक है. बाकी 20 किलोमीटर की सड़क में करीब 4 से 5 किलोमीटर की सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है. बारिश के दौरान जलभराव और गड्ढो की समस्या ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. सड़क पर ना तो गड्ढे मरम्मत हुई और ना ही पानी की निकासी की व्यवस्था है.
NHAI की कार्यप्रणाली पर उठे हैं सवाल?
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने NHAI और टोल प्रबंधन से सड़क का निरीक्षण कर गड्ढों को स्थायी रूप से भरने और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि हादसे के बाद भी जिम्मेदार विभाग नहीं जाग रहा है. ऐसे में किसी बड़े हादसे का इंतजार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा.
जब इस पूरे मामले में एसडीएम अभिनेंद्र सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान NHAI को सड़क की मरम्मत के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बारिश के चलते काम शुरू नहीं किया जा सका है. उन्होंने लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए कहा कि फिर से एक बार सड़क की मरम्मत करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे.