साइबर क्राइम से उब गया मन तो बनाया GST चोरी का सिंडीकेट, ऐसे पकड़ा गया गिरोह
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस ने ₹4.37 करोड़ की GST चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. पहले साइबर अपराध में लिप्त यह गिरोह अब फर्जी फर्मों के ज़रिए GST घोटाला कर रहा था. पुलिस ने तीन शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जिनके काले तार 16 राज्यों में फैले हुए थे. इस खुलासे से देश भर में फैले आर्थिक अपराध के नेटवर्क का पता चला है.
उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद की पुलिस ने जीएसटी चोरी के एक बड़े सिंडीकेट का खुलासा किया है. इस सिंडीकेट में शामिल बदमाश पहले: साइबर क्राइम करते थे, लेकिन उस तरह के अपराध से इनका मन भर गया तो इन लोगों ने जीएसटी चोरी का खेल शुरू कर दिया. पुलिस ने इन जालसाजों को जीएसटी चोरी के ही एक मामले में अरेस्ट किया है. लेकिन पूछताछ में इनके सारे काले कच्चे चिट्ठे सामने आ गए हैं. पुलिस की एसआईटी ने इस अंतरराज्यीय गिरोह के तीन शातिर जालसाजों को दबोच लिया है.
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान तरुण भारद्वाज, मोहम्मद शाकिब और नरेश कुमार के रूप में हुई है. ये सभी उत्तराखंड के उधम सिंह नगर (जसपुर) के रहने वाले हैं. पुलिस की जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पहले देश भर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे. इनके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं और सभी राज्यों की पुलिस इनके ठिकानों पर दबिश देने लगी. ऐसे में आरोपियों ने ठगी का तरीका बदल लिया.
करने लगे जीएसटी घोटाला
आरोपी फर्जी फर्में बनाकर जीएसटी चोरी करने लगे. अब तक इन आरोपियों द्वारा करीब 4.37 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है. आरोपी फर्जी बिलों के माध्यम से सरकार से अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ भी उठा रहे थे. आरोपियों की गिरफ्तारी ठाकुरद्वारा कोतवाली में दर्ज एक जीएसटी चोरी के मामले में हुई है. पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं.
16 राज्यों में आपराधिक नेटवर्क
एसआईटी की जांच में आरोपियों का बड़ा आपराधिक इतिहास सामने आया है. मुख्य आरोपी मोहम्मद शाकिब के बैंक खाते पर केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, पंजाब और गुजरात समेत कई राज्यों से करीब 3.21 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर फ्रॉड की 16 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं. इसके अलावा आरोपी तरुण भारद्वाज के खिलाफ भी पूर्व में अवैध हथियार, नकद धनराशि और वाहन बरामदगी का मामला दर्ज है. आरोपियों पर हरियाणा के फरीदाबाद साइबर क्राइम थाने में भी धोखाधड़ी का केस पहले से दर्ज है.