मुरादाबाद में मदरसे पर चला बुलडोजर, 30 साल बाद MDA का एक्शन; जानें पूरा मामला

मुरादाबाद में एमडीए ने दिल्ली रोड स्थित एक मदरसे को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप में ध्वस्त कर दिया है. लगभग 30 साल से चल रही कानूनी लड़ाई के बाद न्यायालय के आदेश पर यह कार्रवाई हुई. मदरसा कमेटी जमीन का मालिकाना हक संबंधी कोई ठोस दस्तावेज नहीं दे पाई, जिसके बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बिल्डिंग को ढहा दिया गया.

मुरादाबाद में मदरसे पर चला बुलडोजर Image Credit:

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने दिल्ली रोड स्थित लगभग तीन हेक्टेयर भूमि पर बने मदरसा जामिया अरबिया हयातुल उलूम को जमींदोज कर दिया है. आरोप है कि यह मदरसा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाया गया है. इस संबंध में करीब 30 साल की मुकदमेबाजी के बाद एमडीए ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की. इस मौके पर जिले के तमाम पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे.

प्राधिकरण के वीसी अनुभव सिंह के मुताबिक मदरसे की जमीन को लेकर करीब तीन दशक से न्यायालय में मुकदमा चल रहा था. मदरसा कमेटी ने कई स्तर पर याचिकाएं दाखिल की, लेकिन इस जमीन की मालिकाना हक संबंधी कोई भी ठोस दस्तावेज नहीं दिए. ऐसे में मामले की सुनवाई के दौरान हर स्तर पर अदालत ने इनकी याचिका खारिज की. उन्होंने बतायाक अब तक तीन बार मदरसा कमेटी की याचिका को खारिज हो चुकी है.

न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई

एमडीए के अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी कार्रवाई नियमानुसार हुई है और अदालत के आदेश पर हुई है. एमडीए सचिव पंकज वर्मा के मुताबिक न्यायालय के आदेश के बाद प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सभी तरह के अवैध कब्जों और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत ही मदरसे की जमीन को कब्जामुक्त किया गया है.

नहीं हो पाया विरोध

कार्रवाई के दौरान भारी विरोध होने की आशंका थी. इसलिए प्राधिकरण ने पहले ही पुलिस और प्रशासन से मदद मांगी थी. ऐसे में कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई थी. पुलिस ने पूरे मदरसा परिसर को खाली कराकर चारों तरफ से बैरिकेडिंग कर दी थी. इसकी वजह से मदरसा पक्ष के लोग मौके पर कोई विरोध कर पाए और देखते ही पूरी बिल्डिंग को ध्वस्त कर दिया गया.

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