‘जर्जर हो रहा भव्य मकान…’ BSP की हालत पर नसीमुद्दीन का छलका दर्द, कह दी बड़ी बात

बसपा छोड़ सपा में आए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बसपा की लगातार खराब होती हालत पर चिंता जताई. उन्होंने कांशीराम के 'भव्य मकान' को जर्जर बताया. सिद्दीकी ने पीडीए पंचायत में केंद्र-प्रदेश सरकार पर निजीकरण के जरिए दलितों-पिछड़ों के आरक्षण खत्म करने की साजिश का आरोप लगाया. उन्होंने भाजपा के '400 पार' नारे की विफलता और महिला आरक्षण पर 'सियासी ड्रामा' भी उजागर किया.

सपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी Image Credit:

बसपा छोड़ सपा में गए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बसपा की लगातार खराब हालत पर चिंता प्रकट की है. उन्होंने कहा कि कांशीराम का बनाया ‘भव्य मकान’ अब हो रहा है जर्जर और कमजोर हो रहा है. मुरादाबाद के पाकबड़ा की कुंदरकी विधानसभा में आयोजित ‘पीडीए पंचायत’ में समाजवादी पार्टी के नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी पुराने दिनों को याद कर भावुक हो गए. कहा कि बसपा को कांशीराम ने बड़ी उम्मीद के साथ बनाया था, लेकिन इस पार्टी की हालत लगातार खराब होती जा रही है.

पीडीए पंचायत में बोलते हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला. उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा संविधान बदलने की मंशा रखती है. यही नहीं, निजीकरण के जरिए दलितों व पिछड़ों का आरक्षण खत्म करने की भी साजिश रची जा रही है. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए जनता को पहले ही भाजपा के मंसूबों का अंदाजा हो गया था, इसलिए इस पार्टी को ‘400 पार’ के नारे से नीचे लाकर खड़ा कर दिया.

महिला आरक्षण के नाम पर ड्रामा

नसीमुद्दीन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा भाजपा का सियासी ड्रामा है. कहा कि जब बिल 2023 में ही पास हो चुका है, तो अब तक परिसीमन और लागू करने की प्रक्रिया में देरी क्यों की जा रही है. इस मौके पर उन्होंने एआईएमआईएम और ओवैसी के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी. पहले तो उन्होंने ओवैशी को पहचानने से ही इनकार किया. फिर खुद को ‘आर्मी का आदमी’ बताते हुए किसी भी राजनीतिक चुनौती से लड़ने की बात कही. नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि वह मिशन के पुराने सिपाही हैं और साइकिल से गांव-गांव जाकर पार्टी को खड़ा करने में उनका भी पसीना शामिल है.

​निजीकरण और आरक्षण पर बोले सपा नेता

नसीमुद्दीन ने कहा कि जब ये 400 पार नहीं कर पाए और संविधान नहीं बदल पाए, तो एक नई चाल चली. जितने भी सरकारी विभाग हैं, उन्हें निजी क्षेत्र (प्राइवेट) में दे दो. जिसे ये विभाग देंगे, वह इन्हें मोटी रकम देगा. बाबा साहब ने संविधान में लिखा है कि सरकारी नौकरी जरूरी है. जब सारी सरकारी नौकरियां प्राइवेट में दे दी जाएंगी, तो आरक्षण स्वतः ही खत्म हो जाएगा. यह आरक्षण खत्म करने की सोची-समझी साजिश है. जो लोग भाजपा को जिता रहे थे, उन्होंने अपने बच्चों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है.

चंद्रशेखर और बसपा पर दी प्रतिक्रिया

उन्होंने कहा कि कभी चंद्रशेखर के साथ काम नहीं किया. सहारनपुर की नकुड़ (Nagal) विधानसभा सीट से मैंने ही उन्हें विधानसभा अध्यक्ष या संगठन में जिम्मेदारी दी थी. कहा कि वह कांशीराम से प्रभावित होकर बसपा में आए. भूखे-प्यासे रहकर, साइकिलें चलाकर पार्टी को इस मुकाम पर खड़ा किया. उन दिन जब वह गांवों में जाते तो लोग डंडा लेकर दौड़ाते थे. उस समय ज्यादातर लोग अनुसूचित जाति और पिछड़ी जाति के थे, मुसलमानों में वह अकेले ही थे. बीएसपी 1984 में बनी, लेकिन वह 1983 से ही कांशीराम के साथ थे.

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