30 किलोमीटर लंबा और 6 लेन… नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच नया एक्सप्रेस-वे जल्द
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच 30 किलोमीटर लंबा 6 लेन एक्सप्रेस वे बनाने का प्रस्ताव रखा है. जानकारी के मुताबिक इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण सेक्टर 94 से शुरू होकर सेक्टर 150 तक किया जाएगा. माना जा रहा है कि इसके बनने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगने वाले ट्रैफिक जाम से काफी हद तक छुटकारा मिल जाएगा.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ट्रैफिक एक बहुत बड़ी समस्या है. इससे निजात दिलाने के लिए यहां एक नए एक्सप्रेसवे की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है. इसको लेकर शासन स्तर पर कई बैठकें भी की जा चुकी हैं. साथ ही प्लान भी शेयर किया जा चुका है. अब आने वाले समय नोएडा ग्रेटर नोएडा के बीच की दूरी बेहद जल्द पूरी की जा सकेगी.
मुख्यमंत्री के सामने रखा गया प्रस्ताव
प्राधिकरण के सीईओ की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो इस योजना से संबंधित जानकारियां साझा कर दी गई हैं. इसके बाद से ही अब परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज कर दी गई हैं. सूत्रों के अनुसार हाल ही में शासन स्तर पर मुख्यमंत्री के सामने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने नया एक्सप्रेसवे बनाने का प्रस्ताव रखा.
इस दौरान सीएम योगी को बताया गया कि मौजूदा सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है. आने वाले सालों में स्थिति बेहद गंभीर होने सकती है. मुख्यमंत्री की ओर से परियोजना को लेकर सकारात्मक संकेत मिलने के बाद अब इसे आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.प्रस्तावित योजना के तहत यह नया एक्सप्रेसवे यमुना पुश्ता रोड के समानांतर विकसित किया जाएगा.
अधिकारियों के मुताबिक इस एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए पुश्ता रोड के आसपास पहले से मौजूद भूमि का इस्तेमाल किया जाए. इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि इन जमीनों के अधिग्रहण में भी ज्यादा समस्या नहीं आएगी. ड्राफ्ट के मुताबिक एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 30 किलोमीटर प्रस्तावित है. यह सेक्टर 94 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 तक जाएगा.
भविष्य में बढ़ाई जा सकेगी लेन
एक्सप्रेसवे पर 6 लेन का प्रावधान रखा गया है. डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर लेन बढ़ाई जा सके. अधिकारियों का कहना है कि इस नए ड्राफ्ट में पहले की कमियों को दूर किया गया है.परियोजना में बदलाव की वजह पहले प्रस्ताव में जमीन और बाढ़ क्षेत्र को लेकर कुछ आपत्तियां सामने आई थीं. सिंचाई विभाग की ओर से आशंका जताई गई थी कि यदि एक्सप्रेसवे जमीन पर बनाया गया तो बाढ़ की स्थिति में यमुना का पानी शहर की ओर आ सकता है. इसी वजह से योजना में बदलाव कर अब पुश्ता रोड के किनारे और सुरक्षित डिजाइन पर काम किया जा रहा है.
अधिकारियों ने बताया कि कुछ हिस्सों में पहले से चार लेन और दो लेन की सड़कें मौजूद हैं कुछ स्थानों पर खड़ंजा और कच्ची सड़कें हैं. नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से इन सभी हिस्सों को एक सुव्यवस्थित नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. इससे न केवल ट्रैफिक बेहतर होगा बल्कि क्षेत्र का विकास भी होगा.
पीपीपी मॉडल पर बन सकता है एक्सप्रेसवे
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने साफ किया है कि इतनी बड़ी परियोजना को अकेले वहन करना संभव नहीं है. इसलिए इस एक्सप्रेसवे को पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने की संभावना है. इस मॉडल के तहत निजी कंपनियों की भागीदारी से निर्माण काम तेज होगा और सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा.
नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर का समय घटेगा. सेक्टर-94, सेक्टर-135, सेक्टर-150 और आसपास के इलाकों को सीधा लाभ मिलेगा. एक्सप्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है.
अब शासन की मंजूरी पर टिकी निगाहें
इस परियोजना से न केवल आम नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि रियल एस्टेट औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा .ग्रेटर नोएडा और नोएडा के कई सेक्टरों में निवेश की संभावनाएं और मजबूत होंगी.फिलहाल परियोजना का नया प्रस्ताव और ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है. अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए शासन के सामने रखा जाएगा.मंजूरी मिलते ही डीपीआर तैयार कर निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी