नोएडा: अगाहपुर से सेक्टर-82 तक शोर होगा कम! भंगेल एलिवेटेड रोड पर लगेंगे 6 फीट ऊंचे नॉइज बैरियर
नोएडा के भंगेल एलिवेटेड रोड पर जल्द ही 6 फीट ऊंचे नॉइज बैरियर लगाए जाएंगे. यह परियोजना 18.81 करोड़ की लागत से पूरी होगी, जिसका उद्देश्य वाहनों के शोर से आसपास के लाखों निवासियों को ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाना है. प्राधिकरण द्वारा टेंडर प्रक्रिया जारी है और काम जल्द शुरू होगा.
भंगेल एलिवेटेड रोड से गुजरने वाले वाहनों के शोर से आसपास के लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है. नोएडा प्राधिकरण ने अगाहपुर से सेक्टर 82 तक करीब 5.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड पर नॉइज बैरियर लगाने की योजना तैयार की है. इसके लिए जारी टेंडर में पांच कंपनियों ने हिस्सा लिया है और फिलहाल उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
चयनित कंपनियों को काम का अवार्ड मिलते ही नॉयज बैरियर लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा. इस परियोजना पर करीब 18.81 करोड़ में खर्च किए जाएंगे. नॉइज बैरियर एलीवेटर रोड के दोनों तरफ लगाया जाएगा. प्राधिकरण का मानना है कि इससे एलीवेटर रोड के आसपास रहने वाले हजारों परिवारों को ध्वनि प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी.
अगाहपुर से सेक्टर-82 तक लगेगा नॉइज बैरियर
भंगेल एलीवेटर रोड अगाहपुर सेक्टर 40, 49, 48,107 और बरौला भंगेल गांव की आबादी के बीच से गुजरता है. एलिवेटेड रोड शुरू होने के बाद यहां यातायात का दबाव लगातार बढ़ा है. बड़ी संख्या में वाहनों की आवाज से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है. इसी को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने नॉइज बैरियर लगाने की योजना बनाई है.
अधिकारियों के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को करीब 2 महीने में काम पूरा करने का समय दिया जाएगा. इसका मतलब है कि कंपनी का चयन होने के बाद कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. एलिवेटेड रोड पर लगाए जाने वाले साउंड बैरियर की ऊंचाई करीब 6 फिट होगी, जो इंडियन रोड क्रॉसिंग के मानक के अनुरूप होगा.
शोर को 50 डेसीबल तक कम करने की तैयारी
अधिकारियों के मुताबिक, सामान्य वातावरण में जीरो से 25 डेसीबल तक की आवाज को शांत माना जाता है जबकि 80 डेसीबल से अधिक की आवाज स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. प्राधिकरण के अनुसार, नॉयज बेरियर की क्षमता शोर को 50 डेसीबल तक कम करने की है. इससे लोगों को वाहनों की आवाज से राहत मिलने की उम्मीद है.
नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक रोहित कुमार के मुताबिक, नॉइज बैरियर हाईवे और आसपास की आबादी के बीच ध्वनि अवरोधक की तरह काम करेगा. इससे एलिवेटेड रोड से आने वाले ट्रैफिक के शोर का प्रभाव कम किया जा सकेगा. परियोजना पूरी होने के बाद रिहायशी क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण को कम करने में यह मददगार होगा.
