नोएडा में प्रॉपर्टी खरीदना होगा और महंगा, कीमतों में 10% तक हो सकता है इजाफा
नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमतों में फिर से इजाफा हो सकता है.नोएडा प्राधिकरण जमीन प्रॉपर्टी के रेट को बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है. इस प्रस्ताव को अप्रैल में होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद प्रॉपर्टीज के रेट में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है.
नोएडा में प्रॉपर्टी खरीदने वालों को आने वाले दिनों में बड़ा झटका लग सकता है. यमुना प्राधिकरण की हालिया बोर्ड बैठक में संपत्ति दरे बढ़ाने के फैसले के बाद अब नोएडा प्राधिकरण भी इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है. सूत्रों के मुताबिक नोएडा प्राधिकरण जमीन की आवंटन दरों यानी कि अलॉटमेंट रेट में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है जिसे अप्रैल में होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा. यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो शहर में जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
10 प्रतिशत तक बढ़ सकती है दरें
सूत्रों के अनुसार इस बार प्राधिकरण आवासीय औद्योगिक और ग्रुप हाउसिंग प्लॉट की दरों में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकता है. हालांकि, व्यवसायिक प्लॉट्स को फिलहाल इस बढ़ोतरी से अलग रखा जाएगा. रियल एस्टेट से जुड़े लोगों का मानना है की सबसे ज्यादा असर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पर पड़ेगा. इससे फ्लैट खरीदना आम लोगों के लिए और भी महंगा हो सकता है.
2022 से लगातार बढ़ रही है कीमते
नोएडा में जमीन की दरों में यह कोई पहले बढ़ोतरी नहीं है पिछले कुछ वर्षों में प्राधिकरण समय-समय पर दरों में इजाफा करता रहा है. साल 2022 के बाद से अलग-अलग सेक्टर और श्रेणियां में कई बार कीमते बढ़ाई जा चुकी हैं. 2022 में 20 प्रतिशत और 2023 में 6 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक जमीन और प्रॉपर्टी के रेट में इजाफा हुआ. 2024 और 2025 में भी यह वृद्धि लगातार जारी रही. अब एक बार फिर दरों में बढ़ोतरी की तैयारी से यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में प्रॉपर्टी निवेश और महंगा होने वाला है.
अगर जमीन की दरों की बढ़ोतरी की बात करें तो नोएडा प्राधिकरण जमीन की दरें तय करने के लिए एक विशेष समिति बनाता हैय यह समिति जमीन अधिग्रहण लागत विकास कार्य पर खर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखती है. इसी आधार पर प्रति वर्ग मीटर दर तय की जाती है.. इसके अलावा आसपास के क्षेत्र की कीमतें और मांग भी इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाती हैं.
एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से बढ़ी मांग
रियल एस्टेट से जुड़े लोगों का कहना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते जमीन की मांग तेजी से बढ़ गई है. खासतौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास जमीन की कीमतों में तेजी आई है. एयरपोर्ट के संचालन के बाद इस क्षेत्र में निवेश और विकास की संभावनाएं और बढ़ेंगी जिससे प्राधिकरण जमीन और प्रॉपर्टी की दरों को बढ़ाने के मूड में है.
अप्रैल बोर्ड बैठक में होगा अंतिम फैसला
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने बताया कि प्राधिकरण का वित्त विभाग इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दे रहा है. इसे अप्रैल में होने वाली बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा. बोर्ड की मंजूरी मिलते ही नई तरह लागू कर दी जाएगी. इससे पहले मार्च में प्रस्ताव लाने की योजना थी लेकिन अब इसे अप्रैल बैठक में रखा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद ही नई दरें लागू होगी. यदि दरों में बढ़ोतरी होती है तो इसका सीधा असर प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों पर पड़ेगा फ्लैट प्लॉट और औद्योगिक जमीन महंगी हो जाएगी, जिससे आम खरीदारों की जेब पर बोझ बढ़ सकता है.
