‘महादेव की कृपा रही तो…’ बाहुबली बृजेश सिंह इस सीट से लड़ सकते हैं विधानसभा, खुद किया ऐलान
बीजेपी के पूर्व एमएलसी और बाहुबली बृजेश सिंह. विधान परिषद सदस्य रहने के बाद वह विधानसभा में आने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने खुद इस बात का ऐलान किया है. कहा कि महादेव की कृपा रही तो अगले विधानसभा के लिए वह चुनाव लड़ेंगे.
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर अभी रणभेरी तो नहीं बजी है, लेकिन सभी दलों ने चुनावी तैयारी तेज कर दी है. इसी क्रम में कई बाहुबली भी मैदान में उतरने के लिए कमर कसकर तैयार हैं. इन्हीं में से एक हैं बीजेपी के पूर्व एमएलसी और बाहुबली बृजेश सिंह. विधान परिषद सदस्य रहने के बाद वह विधानसभा में आने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने खुद इस बात का ऐलान किया है. कहा कि महादेव की कृपा रही तो अगले विधानसभा के लिए वह चुनाव लड़ेंगे.
उन्होंने यह तो नहीं बताया कि वह कहां से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन संकेत साफ दिया. उनके इस ऐलान के बाद बनारस, जौनपुर, भदोही और चंदौली में मुफीद सीट की खोज शुरू हो गई है. बृजेश सिंह से करीबी सूत्र बता रहे हैं कि सबसे ज़्यादा चर्चा जिस सीट की है वो चंदौली की सैयद राजा विधानसभा सीट है. इस सीट पर अभी उनके भतीजे सुशील सिंह बीजेपी के टिकट पर विधायक हैं. बृजेश सिंह भी साल 2012 के चुनाव में इस सीट से जेल में रहते हुए चुनाव लड़े थे. उस समय उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार मनोज सिंह डब्लू ने 2016 वोटों से शिकस्त दी थी.
बदल जाएगा समीकरण
यदि बृजेश सिंह सैयद राजा विधानसभा सीट से मैदान में उतरते हैं तो राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं. ऐसी स्थिति में उनके भतीजे और इस सीट से वर्तमान विधायक सुशील सिंह मुगलसराय या सेवापुरी से चुनाव लड़ सकते हैं. चूंकि मुगलसराय सीट पर सूर्यमुनी तिवारी दावा र रहे हैं और ब्राह्मण पॉलिटिक्स के चलते बीजेपी सूर्यमुनी को मुगलसराय से लड़ा भी सकती है. ऐसी स्थिति में सुशील सिंह को सकलडीहा से भी चुनाव लड़ाया जा सकता है.
इस सीट पर बृजेश की नजर
बृजेश सिंह की नजर सैयद राजा के अलावा भदोही की ज्ञानपुर सीट पर है. चर्चा तो ये भी है कि बृजेश जौनपुर की मड़ियाहूं सीट से अपना दल (अनुप्रिया पटेल गुट ) से चुनाव लड़ सकते हैं. पूर्वांचल की राजनीति और माफियाओं पर लंबे समय से लिखने वाले वरिष्ठ पत्रकार पवन सिंह कहते हैं कि अगर बीजेपी से बृजेश सिंह को टिकट नहीं मिला, तब अपना दल, सुभासपा और निषाद पार्टी का भी रुख कर सकते हैं.
बेटे को भी लड़ा सकते हैं चुनाव
संभावना है कि यदि बीजेपी से बात बन जाती है और टिकट मिलता है तो बृजेश अपनी जगह अपने बेटे सिद्धार्थ को चुनाव मैदान में उतार सकते हैं. ऐसी संभावना इसलिए है कि शायद बृजेश सिंह के नाम पर बीजेपी आलाकमान मुहर लगाने में संकोच करे. ऐसे में बृजेश अपने बेटे सिद्धार्थ सिंह का नाम आगे बढ़ा सकते हैं. बेटी प्रियंका सिंह को वो जौनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष लड़ाने की कोशिश में पहले से ही हैं. माना जा रहा है कि बेटे-बेटी की लॉन्चिंग में यदि उन्हें ख़ुद पीछे हटना पड़े तो वो पीछे नहीं हटेंगे.
