विवादों के बीच संदीप भगिया का ट्रांसफर, नोएडा को मिला नया एडिशनल GST कमिश्नर
गौतम बुद्ध नगर में एडिशनल जीएसटी कमिश्नर संदीप भगिया का विवादों के चलते तबादला कर दिया गया है. बीते दिन प्रदेश में हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव में उनका भी शामिल है. माना जदा रहा है कि कर्मचारियों की शिकायतों पर शासन ने यह फैसला लिया. अब 2020 बैच के आईएएस परीक्षित खटाना को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार में गुरुवार देर शाम बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया. एक साथ 20 IAS अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया गया. इस तबादला लिस्ट में IAS संदीप भगिया का भी नाम शामिल है. उन्हें गौतम बुद्ध नगर के राज्य कर विभाग में एडिशनल जीएसटी कमिश्नर से ट्रांसफर कर दिया गया है. उनकी जगह पर अब नई नियुक्ति हुई है.
IAS संदीप भगिया को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है. वहीं उनकी जगह 2020 बैच के IAS परीक्षित खटाना को नया एडिशनल जीएसटी कमिश्नर बनाया गया है. IPS संदीप भगिया पिछले कुछ समय से विभिन्न विवादों को लेकर चर्चा में रहे थे. हाल में एक कर्मचारियों ने शासन को शिकायत भी भेजी थी.
एक कर्मचारी को हार्ट अटैक तक आ गया
इससे पहले IAS संदीप भगिया पर विभाग की महिला कर्मचारियों ने उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. हालांकि विभागीय जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी. इसके बावजूद हाल के दिनों में राज्य कर विभाग के कर्मचारियों ने एक जुट होकर शासन को दोबारा शिकायत भेजी थी. आरोप था कि कार्यालय में अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था.
शिकायत में कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि उनके व्यवहार से कार्य का माहौल प्रभावित हो रहा है. कर्मचारियों का यह भी दावा था कि अत्यधिक मानसिक दबाव के कारण विभाग के एक कर्मचारी को हार्ट अटैक तक आ गया. माना जा रहा है कि इन शिकायतों के बाद ही शासन ने प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लेते हुए संदीप भगिया का तबादला कर दिया है.
IAS परीक्षित खटाना के सामने अहम चुनौतियां
गौतम बुद्ध नगर में नए एडिशनल जीएसटी कमिश्नर के रूप में परीक्षित खटाना की नियुक्ति की है. वह 2020 के आईएएस हैं और इससे पहले आजमगढ़ में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत थे. वह आगरा में एडीएम के रुप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. प्रशासनिक कार्य में उनकी तेज कार्यशाली और प्रभावी निर्णय लेने की क्षमता की चर्चा रही है.
गौतम बुद्ध नगर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और व्यापारिक जिलों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में उद्योग और कारोबारी राज्य कर विभाग से जुड़े हुए हैं. ऐसे में नए एडिशनल जीएसटी कमिश्नर के सामने राजस्व संग्रह को मजबूत करने, विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और कर्मचारियों के साथ बेहतर तालमेल की बड़ी जिम्मेदारी होगी.