खिड़कियों पर पर्दे, प्राइवेट केबिन… दिल्ली बस कांड के बाद नोएडा में 9 निजी बसें सीज, 696 पर नजर
नोएडा से दिल्ली के बीच बस में नाबालिग छात्रा के साथ हुए गैंगरेप के बाद से हड़ंकप मचा है. इस घटना के बाद गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने निजी बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है. गहन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 9 बसों को सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर जब्त किया गया.
चलती बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद अब नोएडा में निजी बसों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है. जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर विश्वनाथ ट्रेवल की बस समेत कुल 9 निजी बसों को सीज किया गया है.
बीते 4 अगस्त को परी चौक से कश्मिरी गेट तक चलती बस में नाबालिग छात्रा के साथ हैवानियत हुई थी. इसके बाद बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे. नोएडा में जांच के दौरान कई निजी बसों में सुरक्षा मानक फेल पाए गए. जब्त बसों की खिड़कियों पर गहरे रंग के परदे लगे थे. कुछ बसों में अवैध तरीके से शीशे से बंद प्राइवेट केबिन भी मिले.
सेक्टर-44 स्थित छलेरा से जब्त की बसें
इसके अलावा, जांच में कुछ बसों में सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन बटन जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं तक मौजूद नहीं थी. इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने 9 निजी बसों को सीज कर दिया. इसके बाद परिवहन विभाग ने इन बसों को नोएडा सेक्टर-44 स्थित छलेरा से जब्त कर मोरना डिपो में खड़ा कर दिया है.
अधिकारियों का कहना है कि कई बसों में ऐसे इंतजाम मिले, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं. यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. वहीं, इन 9 जब्त बसें समेत जिला प्रशासन करीब 696 निजी पर नजर रखे हुए है.
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के साथ बैठक, 696 बसें रडार पर
गौतम बुद्ध नगर में करीब 696 निजी बसें पंजीकृत हैं, जिनका संचालन करीब 90 अलग-अलग ऑपरेटर करते हैं. इनमें बड़ी संख्या में बसें बोटैनिकल गार्डन से संचालित होती हैं. इसके अलावा चिल्ला बॉर्डर, महामाया फ्लाईओवर, सेक्टर-52-76, मॉडल टाउन, छिजारसी, एडवेंट और जीरो प्वाइंट समेत कई स्थानों पर बसें सड़क किनारे रुककर सवारियां भरती हैं.
इस तरह सड़क पर अचानक बसों के रुकने से हादसे का खतरा बढ़ता है और हाईवे व एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित होता है. प्रशासन अब ऐसे स्थान पर भी निगरानी बढ़ाने की तैयारी में है. कार्रवाई के बाद ट्रैफिक पुलिस ने ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारीयों के साथ बैठक कर बस संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए है.
नोएडा के डीसीपी ट्रैफिक अभय सिंह ने बताया कि दिल्ली की घटना के बाद नोएडा में निजी बसों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. जो भी बस चालक या संचालन करने वाली कंपनी मानकों के अनदेखी करेगी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
