नोएडा में बैठ कई राज्यों में कर रहे थे GST चोरी, STF ने पकड़े 4 जालसाज; 100 करोड़ की धांधली का खुलासा

यूपी एसटीएफ ने नोएडा से संचालित 100 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी का भंडाफोड़ किया है. एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया. ये जालसाज फर्जी कंपनियों, नकली इनवॉयस और ई-वे बिल के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट बेचकर देशभर में जीएसटी की चोरी कर रहे थे. डिजिटल सबूतों की मदद से इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ.

नोएडा में पकड़े गए जीएसटी चोर

यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने जीएसटी चोरी के एक बड़े और संगठित गिरोह का खुलासा किया है. एसटीएफ ने कई अलग अलग राज्यों में सक्रिय इस गिरोह के चार जालसाजों को अरेस्ट किया है. इस गिरोह के जालसाज फर्जी कंपनियों, नकली इनवॉयस और ई-वे बिल के जरिए देशभर में जीएसटी की चोरी कर रहे थे. अब तक की जांच में एसटीएफ ने 100 करोड़ रुपये से भी अधिक की जीएसटी चोरी का खुलासा किया है.

एसटीएफ की इस कार्रवाई से नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर में हड़कंप मच गया है. एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह पहले अलग-अलग राज्यों में बोगस फर्मों का पंजीकरण कराता था. फिर इन फर्मों के नाम पर बिना किसी वास्तविक खरीद-फरोख्त के फर्जी सेल्स इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार करते थे और कागजों में बड़े पैमाने पर व्यापार दिखाकर इन फर्जी फर्मों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट बेचते थे. फर्जी लेन-देन को असली दिखाने के लिए गिरोह के जालसाज बैंक खातों के जरिये रकम को एक खाते से दूसरे खाते में घुमाते थे.

एसटीएफ ने ट्रैक किया डिजीटल सबूत

पुलिस के मुताबिक आरोपी बैंकों से यह पैसा कैश या सर्कुलर ट्रेडिंग के जरिए निकाल लेते थे. जांच में पता चला है कि आरोपियों के पास कई कंपनियों के लॉग-इन आईडी, पासवर्ड, ओटीपी एक्सेस और मोबाइल नंबर मौजूद थे. एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ई-मेल आईडी डाटा, जीएसटी पोर्टल लॉग-इन डिटेल और नकद रुपये बरामद किए हैं. साथ ही पुलिस इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूत भी बरामद किया है.

दिल्ली-बिहार तक नेटवर्क

एसटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरदीप सिंह उर्फ प्रिंस निवासी दिल्ली, जितेंद्र झा निवासी समस्तीपुर बिहार, पुनीत अग्रवाल निवासी पश्चिमी दिल्ली और शिवम निवासी विजय एन्क्लेव नई दिल्ली के रूप में हुई है. गिरोह का मास्टरमाइंड हरदीप सिंह है जो नोएडा से अकाउंट और पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था. आरोपियों ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार समेत कई राज्यों में दर्जनों फर्जी फर्में पंजीकृत कराया है. इन फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की फर्जी जीएसटी रिटर्न दाखिल की गई. इनके मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें 30 से अधिक ई-मेल आईडी सामने आई हैं. जिनका इस्तेमाल अलग-अलग फर्मों के नाम पर किया जा रहा था.