बारिश भले ही ना हुई, लेकिन नोएडा-गाजियाबाद में तबाही मचाने लगी हिंडन; प्रशासन ने बनाईं बाढ़ चौकियां
नोएडा और गाजियाबाद में हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. कई घरों में पानी घुस गया है. बारिश न होने के बावजूद नदी का रौद्र रूप देखकर प्रशासन अलर्ट पर है. प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है और उनके लिए व्यवस्था की जा रही है. स्थिति पर निगरानी रखने के लिए 18 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं.
नोएडा गाजियाबाद में भले ही अब तक ढंग की बारिश नहीं हुई, लेकिन इन दोनों ही शहरों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है. इन दोनों शहरों से निकलने वाली हिंडन नदी ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है. नदी से सटी बस्तियों में बाढ़ की स्थिति बन गई है. दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है. हालात को देखते हुए गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. रविवार को जलेसर बनने के बाद डूब क्षेत्र के कई इलाकों में पानी भरने की सूचना पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन अजीत कुमार सिंह ने मौका मुआयना किया.
यूसुफपुर समेत अन्य डूब प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर उन्होंने हालात का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए प्रेरित किया. इस दौरान जिला प्रशासन की टीम ने लाउडस्पीकर मुनादी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है. एडीएम प्रशासन के मुताबिक हिंडन नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. प्रशासन की टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके.
बाढ़ प्रभावित इलाकों से शिफ्ट होंगे परिवार
एडीएम अजीत कुमार सिंह ने जो परिवार बाढ़ के पानी की वजह से प्रभावित होंगे, उन्हें सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा. उनके खाने-पीने से लेकर उनके पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचा कर उनके लिए सारी व्यवस्था प्रशासन के द्वारा की जाएगी. एडीएम ने बताया कि हिंडन नदी का जलस्तर पर नजर रखने के लिए 18 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं. साथ ही बिजली विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है.
खतरे के निशान के करीब है जलस्तर
मौका मुआयना के बाद एडीएम ने बताया कि नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. हालांकि अभी खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है. जिन घरों में पानी घुसा है, वह डूब क्षेत्र में हैं. हालात को देखते हुए प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. राहत एवं बचाव दल, राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं.
