डॉक्टर ने 2 बार किया ऑपरेशन, फिर कहा ठीक नहीं होगी आंख, अब अंदर मिले 3 लेंस

नोएडा जिला अस्पताल से एक घोर लापरवाही का मामला सामने आया. यहां एक मरीज की आंख का दो बार ऑपरेशन कर दिया गया. फिर तीसरी बार उसे कभी आंख नहीं सही होने की जानकारी दी गई. इसके बाद जब उसने निजी अस्पताल में जांच कराई तो उसकी आंख में तीन लेंस निकले.

नोएडा जिला अस्पताल की घोर लापरवाही Image Credit:

नोएडा के जिला अस्पताल की व्यवस्था पर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. यहां एक डॉक्टर पर मरीज ने आंख के ऑपरेशन करने के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. मरीज के मुताबिक उसकी एक ही आंख का दो बार ऑपरेशन कर दिया गया. जब तीसरी बार दिखाया तो डॉक्टर ने साफ कह दिया कि अब यह आंख कभी ठीक नहीं हो सकती.

पीड़ित मरीज स्वराज सिंह ने बताया कि वह आंख में धुंधलापन और रोशनी कम होने की शिकायत लेकर नोएडा जिला अस्पताल पहुंचे थे. डॉक्टर ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी. 18 नवंबर को पहली बार आंख का ऑपरेशन किया गया. लेकिन समस्या वैसी ही बनी रही. फिर 19 नवंबर को उसी आंख का दोबारा ऑपरेशन कर दिया गया. मरीज का कहना है कि उसे यह तक नहीं बताया गया कि पहले ऑपरेशन में क्या खामी रह गई थी.

2 बार ऑपरेशन करने के बाद भी हालत नहीं सुधरी

पीड़ित ने बताया कि दो बार ऑपरेशन के बाद भी जब स्थिति जस की तस रही तो वह दोबारा डॉक्टर के पास पहुंचा. इस बार डॉक्टर ने साफ कह दिया कि अब आंख ठीक नहीं हो सकती है. इस आंख में रोशनी आना मुश्किल है. डॉक्टर के इस बयान के बाद मरीज और उसका परिवार मानसिक रूप से टूट गया.

ऑपरेशन के लिए डॉक्टर ने बाहर से खरीदवाया लेंस

स्वराज सिंह ने जिला अस्पताल के डॉक्टर पर यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेशन के लिए बाहर से लेंस खरीदने के लिए फोर्स किया गया. सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भी निजी खर्च करवाया गया. मरीज का कहना है कि उसने डॉक्टर की सलाह पर बाहर से लेंस खरीदकर दिया. इसके बावजूद आंख की स्थिति बिगड़ती चली गई.

मरीज का दावा आंख से निकाले गए 3 लेंस

सरकारी अस्पताल से निराश होकर पीड़ित ने एक निजी अस्पताल में इलाज कराया. यहां जांच और ऑपरेशन के दौरान जो सामने आया उसने सभी को चौंका दिया. पीड़ित का दावा है कि निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान उसकी आंख से 3 लेंस निकाले गए. निजी डॉक्टरों ने बताया कि एक ही आंख में कई लेंस होना गंभीर लापरवाही का संकेत है. इससे आंख को स्थाई नुकसान हो सकता है. CMS ने मानी शिकायत बनाई गई जांच कमेटी.

जिला अस्पताल प्रशासन ने दिया ये बयान

मामले के सामने आने के बाद जिला अस्पताल की CMS डॉ. अजय राणा ने बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि मरीज की शिकायत प्राप्त हुई है मरीज का पहले AIIMS में भी इलाज चल चुका है. पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

पीड़ित ने की सख्त कार्रवाई की मांग

पीड़ित स्वराज सिंह का कहना है कि उसकी आंख की रोशनी लगभग खत्म हो चुकी है. सरकारी अस्पताल की लापरवाही ने उसकी जिंदगी बदल दी. अब पीड़ित ने दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. यह पहला मामला नहीं है जब नोएडा जिला अस्पताल पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगे हैं. इससे पहले भी गलत इलाज देरी संसाधनों की कमी जैसे मामलों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं.

अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

फिलहाल, पूरा मामला जांच कमेटी के पास है. अब देखना यह होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है. मामला फाइलों में दब जाएगा या फिर मरीज को न्याय मिलेगा. फिलहाल, ताजातरीन यह मामला एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.