नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दो अंडरपास को मंजूरी, लेकिन काटने पड़ जाएंगे 330 पेड़
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में दो अंडरपास बनाने की शासन से अनुमति मिली है. लेकिन इनके निर्माण के लिए 330 पेड़ों को काटना होगा. इनमें से 265 पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाएगा, जबकि 65 पेड़ों को पूरी तरह काटा जाएगा.
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर जाम से निजात दिलाने और कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए दो अंडरपास बनाने की योजना को हरी झंडी मिल गई है. हालांकि, इस परियोजना के लिए कुल 330 पेड़ों की कटाई की जानी है. इसमें से 265 पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाएगा. वहीं, 65 पेड़ों को जड़ से हटाया जाएगा. विकास और ट्रैफिक सुधार के लिहाज से इस परियोजना को अहम माना जा रहा है. लेकिन इतनी संख्या में पेड़ों की कटाई पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है.
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार एक्सप्रेसवे पर बनने वाले दोनों अंडरपास अलग-अलग स्थानों पर बनाए जाएंगे और इनका उद्देश्य आसपास के सेक्टरों और गांवों को सीधे जोड़ना है. पहला अंडरपास एक्सप्रेसवे के 16900 किलोमीटर चेनज के सेक्टर-145, 146, 155 और 159 के बीच बनाया जाएगा. इसकी लंबाई लगभग 800 मीटर होगी. इस अंडरपास के निर्माण पर करीब 99.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके जरिए नवविकसित औद्योगिक सेक्टर-151, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159 और 162 के साथ-साथ आसपास के 9 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा.
दूसरा अंडरपास सुल्तानपुर के पास एक्सप्रेसवे के 610 किलोमीटर चेनज पर सेक्टर-128, 129, 132 और 108 के बीच बनेगा. इसकी लंबाई 731 मीटर होगी और इस पर 81.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस अंडरपास से सेक्टर-104, 105, 106, 107, 108, 110, 80, 81, 82, 83, 127, 128, 129, 130, 131, 132, 133, 134, 135, फेज-2, एनएसईजेड और 11 गांवों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है.
330 पेड़ कटेंगे, 265 का होगा ट्रांसप्लांट
अंडरपास निर्माण के लिए वन विभाग से 330 पेड़ों की कटाई की अनुमति ली गई है. इनमें से 265 पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाएगा, जबकि 65 पेड़ों को पूरी तरह काटा जाएगा. वन विभाग ने शर्त रखी है कि काटे जाने वाले पेड़ों के बदले दस गुना पौधरोपण किया जाएगा. जिला वन विभाग के अधिकारी रजनीकांत मित्तल का कहना है कि ट्रांसप्लांट किए जाने वाले पेड़ों को क्षतिग्रस्त श्रेणी में रखा गया है और इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कर विशेष देखरेख में लगाया जाएगा.
ग्रीन बेल्ट में किया जाएगा पेड़ों को शिफ्ट
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार सेक्टर-146 की ग्रीन बेल्ट में पेड़ों को शिफ्ट करने का काम चल रहा है. अब तक 80 पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन किया जा चुका है जबकि 100 पेड़ों के लिए गड्ढे तैयार कर लिए गए हैं. शेष पेड़ों को भी जल्द शिफ्ट कर दिया जाएगा.उनका कहना है कि यह प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है हालांकि ट्रांसप्लांटेशन में कुछ पेड़ों के जीवित न रहने की संभावना भी रहती है.वही पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के आसपास की ग्रीन बेल्ट पहले ही तेजी से सिमट रही है. ऐसे में सैकड़ों पेड़ों की कटाई से वायु गुणवत्ता तापमान और जैव विविधता पर नकारात्मक असर पड़ेगा.
ट्रांसप्लांटेशन के नाम पर औपचारिकता
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि ट्रांसप्लांटेशन के नाम पर अक्सर औपचारिकता निभा दी जाती है. बाद में उन पेड़ों की निगरानी नहीं होती. कई बार पौधे लगाए तो जाते हैं लेकिन उनकी देखभाल के अभाव में वे सूख जाते हैं. प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इन अंडरपास के बनने से एक्सप्रेसवे पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी और सेक्टरों व गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह परियोजना समय की जरूरत है. इसके साथ ही पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण और ट्रांसप्लांटेशन की शर्तों का पालन किया जाएगा.