ग्रेटर नोएडा में ढाई लाख में नवजात बच्ची को बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ी गई नर्स, अस्पताल मालिक भी गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा के बिसरख में नवजात बच्ची को ढाई लाख में बेचते हुए एक नर्स पकड़ी गई है. पुलिस को बच्ची की डिलीवरी से जुड़े दस्तावेज और स्टीकर नवजीवन अस्पताल से संबंधित मिले. इस मामले में अब इस मामले में अब अस्पताल के मालिक और एक अन्य व्यक्ति संलिप्तता सामने भी सामने आ रही है.फिलहाल, पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ कर रही है.

बिसरख में नवजात बच्ची को बेचते हुए पकड़ी गई नर्स Image Credit:

ग्रेटर नोएडा में नवजात बच्चों को अवैध खरीद फरोख्त करने वाले गिरोह का चौंकाने वाले खुलासा हुआ है. बिसरख कोतवाली क्षेत्र में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट बाल कल्याण समिति और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक नवजात बच्ची को 2.5 लाख रुपए में बेचने का मामला सामने आया है. ऐसा करते हुए अस्पताल की एक नर्स को रंगे हाथ पकड़ा गया है. जांच के दौरान अस्पताल की मालकिन समेत कुल तीन लोगों की संलिप्त सामने आने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है.

चाइल्ड हेल्पलाइन पर मिली सूचना से हुआ खुलासा

इस पूरे मामले का खुलासा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर मिली सूचना की बाद हुआ. एक व्यक्ति ने नवजात बच्ची का सौदा किए जाने की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन को दी, जिसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट सक्रिय हुई. संबंधित व्यक्ति के सहयोग से आरोपियों को पकड़ने के लिए योजना बनाई. प्रारंभिक जांच मैं सामने आया की बच्ची को गोद लेने के नाम पर सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया गया था. नवजीवन अस्पताल की नर्स ने कथित तौर पर ग्राहक से संपर्क कर बच्ची उपलब्ध कराने की बात कही और इसके बदले 2.65 लाख रुपए की मांग की. इस तरह गोद लेने की आड़ में अवैध तरीके से बच्ची का सौदा किया जा रहा था.

रंगे हाथ पकड़ने की लिए बनाई गई योजना

पुलिस और संबंधित एजेंसियो ने आरोपियों को पकड़ने के लिए पूरी रणनीति तैयार की. योजना के मुताबिक सौदे की जगह और समय फिक्स किया गया शनिवार यानी 21 मार्च की शाम को बिसरख क्षेत्र में तय स्थान पर जैसी ही नर्स नवजात बच्ची को लेकर पहुंची. टीम ने मौके पर ही उसे बच्ची सहित दबोच लिया. बच्ची की डिलीवरी से जुड़े दस्तावेज और स्टीकर नवजीवन अस्पताल से संबंधित निकले. इसके बाद पुलिस ने अस्पताल की मालकिन और एक अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच शुरू की. अब इस मामले उनकी संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया है, फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है.

जांच में खुल सकते हैं कई राज

सूत्रों के अनुसार इस ग्रह के तार पहले के मामलों से भी जुड़े हो सकते हैं. आशंका जताई जा रही है क्या आरोपियों ने इससे पहले भी कई नवजात बच्चों का सौदा किया हो. पुलिस अब अस्पताल के पुराने रिकार्ड खंगाल रही है. पिछले कुछ वर्षों में हुई डिलीवरी से जुड़े मामलों की जांच कर रही है. पुलिस उन दंपतियों से भी संपर्क करने की तैयारी कर रही है जिन्होंने हाल ही के समय में यहां से बच्चा लिया है.

पुलिस ने क्या कहा?

एसीपी बिसरख पवन कुमार का कहना है की बच्ची के असली माता-पिता की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. 23 मार्च को संबंधित लोगों को सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर डीएनए टेस्ट भी कराए जाएंगे ताकि बच्ची की पहचान पूरी तरह स्पष्ट हो सके. पुलिस जांच अभी जारी है और गिरफ्तारियां होना संभव है. लेकिन इस पूरे नेटवर्क में और भी कितने लोग शामिल हो सकते हैं. यह पूरी जांच के बाद ही पता चल पाएगा.

Follow Us