UP बनेगा टेक्सटाइल हब, यमुना एक्सप्रेसवे अपैरल पार्क में तेजी से बढ़ रहा निवेश, अब 156 भूखंड में सिर्फ 17 बचें
नोएडा प्राधिकरण की तरफ से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में 175 एकड़ भूमि पर अपैरल पार्क विकसित किया जा रहा है. इसमें विभिन्न आकार के कुल 173 औद्योगिक भूखंड रखे गए हैं, इन्हें अपैरल और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ी इकाइयों को आवंटित किया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में योगी सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है. इसी कड़ी में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में अपैरल पार्क विकसित किया जा रहा है. यह राज्य के औद्योगिक क्षेत्र के लिहाज से मील का पत्थर साबित हो सकता है. यह परियोजना न केवल निवेश को आकर्षित कर रही है, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही है.
प्राधिकरण की तरफ से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में 175 एकड़ भूमि पर अपैरल पार्क विकसित किया जा रहा है. इसमें विभिन्न आकार के कुल 173 औद्योगिक भूखंड हैं. जिन्हें अपैरल एवं टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ी इकाइयों को आवंटित किया जा रहा है. ताकि उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल हब बन सके.
आवंटन में तेजी, निवेशकों का बढ़ता भरोसा
22 जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, अपैरल पार्क योजना के तहत अब तक 156 भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है. अब केवल 17 भूखंड रिक्त हैं. 106 इकाइयों के पक्ष में अब तक लीज डीड दिया आगे प्रस्तावना भेज दी गई है. 89 निवेशकों को कब्जा भी सौंपा जा चुका है. यह आंकड़े साफ तौर पर दर्शाते हैं कि योगी सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मॉडल पर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है.
निर्माण प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार
अपैरल पार्क में अब परियोजनाएं तेजी से जमीन पर उतरने लगी हैं. योजना के तहत अब तक 118 इकाइयों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है, जबकि 39 इकाइयों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं. वहीं, 15 इकाइयों में निर्माण कार्य शुरू हो गया है. सरकार की तरफ से सभी आवंटियों से डीपीआर के अनुरूप एक्शन प्लान मांगा गया है, ताकि परियोजनाएं तय समय-सीमा में धरातल पर उतर सकें.
रोजगार और निर्यात पर योगी सरकार का फोकस
अपैरल पार्क से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार, रेडीमेड गारमेंट्स और टेक्सटाइल निर्यात में वृद्धि, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को नया प्लेटफॉर्म जैसे लाभ मिलने की उम्मीद है. अपैरल पार्क के अंतर्गत 33.5 एकड़ क्षेत्रफल के 17 भूखंड अभी आवंटन के लिए शेष हैं. आंशिक भूमि उपलब्ध न होने के कारण भूमि क्रय की कार्रवाई प्रगति पर है, जिसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
यमुना एक्सप्रेसवे, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बेहतर कनेक्टिविटी और उद्योग-हितैषी नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश आज निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभर रहा है. अपैरल पार्क इसकी एक मजबूत मिसाल है, जो योगी सरकार के विकास, रोजगार और निर्यात आधारित विजन को जमीन पर साकार करता दिख रहा है.